शिवम मिश्रा, रायपुर। होली त्योहार का हुआ मानों शौकिनों के लिए मश्ती-मजा का मौका हो गया. होली के दौरान महज चार दिनों में रायपुर के शराब प्रेमी 58 करोड़ 10 लाख रुपए की शराब गटक गए. पिछले साल की तुलना में इस बार 91 लाख रुपए की शराब लोगों ने ज्यादा पी है.

होली खत्म होने के बाद आबकारी विभाग ने रायपुर जिले में हुई शराब बिक्री का आंकड़ा जारी किया है. यह आंकड़ा होली के दौरान शराब दुकान बंद होने से तीन दिन पहले और एक दिन बाद का है. कुल मिलाकर चार दिनों का यह आंकड़ा बेहद दिलचस्प है, जो शराब के अर्थशास्त्र को बताता है.
होली के दिन याने 4 मार्च को शराब दुकान बंद थी, लेकिन होली की खुमारी अगले दिन भी छाई रही, नतीजतन शौकिनों ने 5 मार्च को महज 8 करोड़ 31 लाख रुपए की ही शराब पी. लेकिन असली खरीदारी तो होली के पहले हुई. होली के एक दिन पहले लोगों ने 21 करोड़ 73 लाख रुपए की शराब पी. इसके एक दिन पहले याने 2 मार्च को शराब खरीदी का आंकड़ा 15 करोड़ 94 लाख रुपए का रहा, और उसके एक दिन पहले होली के तीन दिन पहले 1 मार्च को लोगों ने 12 करोड़ 11 लाख रुपए की शराब पी.
आंकड़े बताते हैं कि इस साल शराब प्रेमी होली के दौरान कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे, इसलिए तीन दिन पहले ही शराब का स्टॉक कर लिया. तीन दिन पहले बिक्री का आंकड़ा बीते साल की तुलना में 30.3 प्रतिशत ज्यादा शराब पी, क्या करें कि शराब खरीदी. वहीं अगले दो दिन और होली के बाद अगले दिन लोगों ने बीते साल की तुलना में कम शराब पी. हालांकि, यह अंतर अधिकतम 5.6 प्रतिशत का ही है.
‘देशी’ के शौकिन घटे, तो ‘विदेशी’ के बढ़े
आबकारी विभाग के आंकड़े बताते हैं कि देशी की बजाए विदेशी शराब की मांग बढ़ती जा रही है. चार दिन के आंकड़ों में 1 मार्च को छोड़कर बाकी के तीनों दिन बीते साल की तुलना में देशी शराब की बिक्री कम रही. जिस दिन बीते साल की तुलना में बिक्री बढ़ी भी तो महज 7.7 प्रतिशत. वहीं बिक्री के हिसाब से भले ही विदेशी स्प्रिट और देशी शराब की तुलना में तीसरे पायदान पर हो, लेकिन सबसे ज्यादा वृद्धि यहीं देखने को मिली है. 60 प्रतिशत तक! इसकी तुलना में विदेशी स्प्रिट बिक्री के मामले में देशी और विदेशी माल्ट की तुलना में सर्वाधिक रही.

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