जयपुर। राजस्थान सरकारी स्कूलों में नया सेशन जुलाई के बजाय 1 अप्रैल से शुरू होगा, जिससे यह प्राइवेट स्कूलों के साथ मेल खा सके. ऐसा सरकारी स्कूलों में एडमिशन बढ़ाने के लिए किया जा रहा है. इसके साथ पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 6 साल की बजाए 5 साल कर दी गई है.
दरअसल, पिछले साल 73,000 से ज़्यादा स्कूलों में एडमिशन में कमी देखी गई थी. आंकलन में पाया गया कि जो बच्चे 5 साल के थे—या जो 5 साल से ज़्यादा, लेकिन 6 साल से कम उम्र के थे, वे स्कूलों में कक्षा 1 में एडमिशन नहीं ले पाए थे. इस वजह से इस साल एडमिशन बढ़ाने के लिए उम्र में कमी की गई है.
इसके साथ घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करने का अभियान चलाया जा रहा है. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, स्कूल के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं, ताकि 3 से 18 साल की उम्र के बच्चों की पहचान की जा सके और स्कूलों में उनका एडमिशन पक्का किया जा सके.
इस साल, खासकर उन बच्चों पर जो अभी आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ रहे हैं, का कक्षा 1 में एडमिशन करवाने पर खास ध्यान दे रहा है, ताकि वे शुरू से ही औपचारिक शिक्षा से जुड़ सकें.
अधिकारियों ने बताया कि इस साल आंगनवाड़ी से कक्षा 1 में एडमिशन के लिए योग्य बच्चों की पहचान और उनकी जानकारी जुटाने के लिए ICDS विभाग के ‘पोषण ट्रैकर’ से मिले डेटा का इस्तेमाल किया गया है. घर-घर जाकर सर्वे करने के लिए, 14,000 से ज़्यादा अधिकारियों और 4 लाख शिक्षकों को काम पर लगाया गया है.
शिक्षा विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “लोगों तक पहुंचने का यह बड़ा अभियान इसलिए चलाया जा रहा है, ताकि यह पक्का किया जा सके कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और शिक्षा का संदेश हर परिवार तक पहुंच सके.” अधिकारियों ने बताया कि नए सत्र के लिए कक्षा 3 से 5 तक की वर्कबुक को नई शैक्षणिक रणनीति के अनुसार फिर से डिज़ाइन और अपडेट किया गया है.
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