Rajasthan Gurjar Aandolan: गुर्जर समाज एक बार फिर से सड़कों पर उतरने वाला है। रविवार (15 मार्च) को हिंडौन में कर्नल बैंसला के निवास पर हुई गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की एक बड़ी बैठक में सरकार को सीधा अल्टीमेटम दे दिया गया है। समिति ने साफ कर दिया है कि अगर आगामी 23 मई (शहीद दिवस) तक लंबित मांगें पूरी नहीं हुईं, तो समाज फिर से बड़ा आंदोलन खड़ा करने के लिए मजबूर होगा।

बता दें कि पिछले साल 8 जून को सरकार के साथ हुए समझौते के बाद उम्मीद थी कि मामला सुलझ जाएगा, लेकिन 10 महीने बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है।
क्या है आरोप?
बैठक में मौजूद विजय किरोड़ी सिंह बैंसला, परमाल सिंह खटाणा और अन्य पदाधिकारियों ने सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है। सूत्रों की मानें तो नवंबर 2023 में 42 केस वापस लेने की बात कही गई थी, लेकिन आज तक न तो एफआईआर नंबर साझा किए गए और न ही कोई केस वापस हुआ है।
वहीं राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद RJS में बैकलॉग का क्रियान्वयन अब तक अटका हुआ है। साल 2024 में सरकार को जानकारी देने के बावजूद, साल 2008 के आंदोलन से जुड़े संपत्ति कुर्की के मामलों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
शहीद स्मारक पर समाज करेगा अनावरण
गौरतलब है कि सवाई माधोपुर के कुशालीदर्रा में शहीद स्थल पर मूर्तियों के अनावरण को लेकर भी समाज में खासा आक्रोश है। स्थानीय विधायक से तीन साल से गुहार लगाने के बाद भी जब काम नहीं हुआ, तो समिति ने अब फैसला लिया है कि समाज खुद ही 23 मई को शहीदों की प्रतिमा का अनावरण करेगा। साथ ही, TSP क्षेत्र में MBC आरक्षण लागू करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई है।
आने वाले दिनों में यदि सरकार और समिति के बीच बातचीत नहीं बनती है, तो इसका सीधा असर राजस्थान के प्रमुख राजमार्गों और यातायात पर पड़ सकता है।
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