Rajasthan News: राजस्थान में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) के तहत जल संकट के समाधान के लिए 1 लाख 60 हजार बोरवेल लगाए जाने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात कर इस योजना को लेकर चर्चा की। इस दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उनके साथ मौजूद थे। मुख्यमंत्री भजनलाल ने इस अवसर पर ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ कार्यक्रम को राजस्थान के लिए वरदान बताया।

ईआरसीपी योजना और उसका महत्व
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) राजस्थान के जल संकट का स्थायी समाधान है। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई और केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने सूरत में इस योजना की नींव रखी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक महत्वाकांक्षी योजना है, जो राजस्थान को विकसित राज्य की दिशा में आगे ले जाएगी। 1 लाख 60 हजार बोरवेल लगाना पानी की समस्या से जूझ रहे राजस्थान के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। सिरोही और जोधपुर जिलों में इस परियोजना के काम की शुरुआत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जल संरक्षण के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ कार्यक्रम की पहल की गई है। इस अभियान का उद्देश्य प्रवासी भारतीयों की भागीदारी से राजस्थान में भूजल स्तर को सुधारना है। इसके तहत 45 हजार ट्यूबवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि इस योजना से बोरवेल और ट्यूबवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर से पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। कर्मभूमि से मातृभूमि’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रवासी भारतीय अपनी जड़ों से जुड़ सकेंगे। यह योजना राजस्थान को विकसित राज्य बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।
विकसित राजस्थान की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि यह परियोजना न केवल जल समस्या को हल करेगी, बल्कि राज्य को विकसित भारत की परिकल्पना के साथ जोड़ने में भी सहायक होगी। सिरोही और जोधपुर में परियोजना का काम तेजी से चल रहा है, और यह जल्द ही अन्य जिलों में भी शुरू होगा।
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