Rajasthan News: सवाई माधोपुर का अमरूद आने वाले दिनों में क्षेत्र के किसानों की जिन्दग बेहतर बनाएगा। राज्य सरकार की ओर से जिले में 150 करोड़ को लागत से अमरूद का प्रोसेसिंग प्लान्ट लगाया जाएगा, जिससे देश-विदेश में इस फल और इससे बने उत्पादों की मांग बढ़ेगी।

देश में पहली बार आयोजित अमरूद महोत्सव इस दिशा में प्रयासों का पहला कदम है। मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कार्यक्रम के अध्यक्ष राज्य के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने रविवार को दशहरा मैदान में अमरूद महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में यह बात कही। बिरला ने कहा कि राज्य सरकार कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इन्ही प्रयासों की कड़ी में सवाई माधोपुर में भारत का पहला अमरूद महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

अमरूद सस्ता, लेकिन स्वास्थ्य वर्धक

लोकसमा अध्यक्ष ने कहा कि बेशक अमरुद एक सस्ता फल है, लेकिन बहुत अधिक स्वास्थ्य वर्धक है। अमरूद महोत्लाव जैसे आयोजन के जरिए लोगों को इस फल के स्वास्थ्य से जुड़े लाभों के बारे में जानकारी मिलेगी। यहां अमरूद के लाभ, इसकी खेती की नई तकनीक, उन्नत किस्मों तथा प्रसंस्करण विधियों की जानकारी का आदान प्रदान किया जा रहा है।

अमरूद यहीं पर खपने की जिम्मेदारी राज्य सरकार कीः कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही सवाई माधोपुर की धरती पर 150 करोड़ रुपए की एकी लागत से अमरूद का प्रोसेसिंग प्लान्ट स्थापित करेगी। राजस्थान में कुल 14 हजार हेक्टेयर अमरूद के बगीचों में से 11 हजार हेक्टेयर अकेले इस जिले में हैं। सवाई माधोपुर का अमरूद यहीं पर खपने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार की है। राजस्थान के किसानों की अमरूद से आमदनी सालाना करीब 600-700 करोड़ रुपए है। हमारा लक्ष्न इसको 1500-1600 करोड़ रुपए‌ प्रतिवर्ष करना है।

जिले में 600 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्य

कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आने वाले समय में सवाई माधोपुर में 600 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्य कराएगी। इस वर्ष मानसून के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों का काफी नुकसान हुआ। इससे बचाव के लिए सुरवाल बांच के पानी को बनास नदी में छोड़ने के लिए 110 करोड़ रुपए की लागत से एक चैनल बनाया जाएगा।

डूंगरी बांध में सबसे अधिक सिंचाई क्षेत्र बढ़ेगा

मीणा ने कहा कि पूर्वी राजस्थान नाहर परियोजना (ईआरसीपी) जिसे अब संशोधित पीकेसी (पार्वती-कालीसिंध चम्बल) गोजना भी काय जाता है, जिसका सबसे अधिक लाभ सवाई माधोपुर जिले को होगा। योजना से 17 जिलों में पीने का पानी उपलब्ध होगा और सिंचाई क्षेत्र में 4.03 लाख हेक्टेयर की वृद्धि होगी । 15 प्रतिशत पानी उद्योगों के लिए भी उपलब्ध होगा। सिंचित क्षेत्र बढ़कर 1.60 लाख हेक्टेयर हो जाएगा। डूंगरी बांध से केवल 9 गांव विस्थापित होंगे और उन गांवों की पूरी आबादी को सुव्यवस्थित घर, बिजली, पानी सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।

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