Rajasthan News: हनुमानगढ़ जिले के भादरा कस्बे में नगर पालिका प्रशासन के आदेश से हड़कंप मच गया है। करीब 50 कॉलोनियों को अवैध घोषित कर निरस्त कर दिया गया है। प्रशासन के मुताबिक, इन कॉलोनियों के 500 मीटर के दायरे में कोई राजस्व गांव नहीं है, जिसके चलते इन्हें मान्यता नहीं दी गई।

नगर नियोजक बीकानेर ने इन कॉलोनियों को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद नगर पालिका भादरा के ईओ पवन चौधरी ने इन्हें निरस्त करने का आदेश जारी किया। निरस्त की गई कॉलोनियों में चक 8, 9, 10 बारानी और 5, 6, 7, 8 बीएचडी समेत अन्य कॉलोनियां शामिल हैं।
इन कॉलोनियों को अवैध घोषित करने के बाद वहां प्लॉट खरीद चुके लोगों की बड़ी रकम फंस गई है। कॉलोनाइजरों ने इन क्षेत्रों में प्लॉट बेचकर बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाओं का वादा किया था, लेकिन अब यह सुविधाएं भी संकट में आ गई हैं। अचानक इस फैसले से इलाके में हलचल बढ़ गई है, क्योंकि लोगों को बुलडोजर एक्शन का डर सताने लगा है।
नगर पालिका ने भादरा तहसीलदार को पत्र भेजकर इन कॉलोनियों की जमीन को फिर से कृषि भूमि के रूप में दर्ज करने का निर्देश दिया है। यदि किसी कॉलोनी का म्यूटेशन राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है, तो उसे निरस्त कर सरकारी रिकॉर्ड में कृषि भूमि के रूप में दर्ज किया जाएगा। इस फैसले के बाद इन कॉलोनियों में न तो पट्टे जारी हो सकेंगे और न ही कोई नई सुविधाएं मिल पाएंगी, जिससे निवेशकों में भारी आक्रोश है।
इस निर्णय से न केवल निवेशकों की पूंजी फंस गई है, बल्कि वहां रहने वाले लोगों का भविष्य भी अधर में लटक गया है। प्रशासन के इस कदम से प्रभावित लोग अब कॉलोनाइजरों से अपनी रकम वापस लेने की जद्दोजहद कर रहे हैं।
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