जैसलमेर। स्वर्ण नगरों में पर्यटन का चरम सीजन समाप्त होने के साथ ही अब हवाई संपर्क भी अस्थायी रूप से थमने वाला है। 29 मार्च से लागू होने वाले नए समर शेड्यूल में किसी भी एयरलाइन ने जैसलमेर को अपनी सूची में शामिल नहीं किया है, जिसके चलते 28 मार्च के बाद यहां से संचालित होने वाली सभी 6 नियमित उड़ानें बंद कर दी जाएंगी।

इसका सीधा परिणाम यह होगा कि आने वाले भीषण गर्मी के माह में जैसलमेर का सिविल एयरपोर्ट पूरी तरह से शांत रहेगा। वर्तमान में जैसलमेर से दिल्ली के लिए तीन, जबकि जयपुर, मुंबई और बेंगलुरु के लिए एक-एक उड़ान संचालित की जा रही है। एयरपोर्ट प्रबंधन का मानना है कि जैसलमेर की हवाई सेवा मुख्य रूप से विंटर टूरिज्म पर टिकी है।

मार्च का अंत आते-आते तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की जाती है। ऐसी स्थिति में यात्री भार कम होने के कारण उड़ानें जारी रखना एयरलाइंस कंपनियों के लिए आर्थिक रूप से व्यावहारिक नाहीं रहता, यही वजह है. कि हर साल गर्मियों की शुरूआत में ऑपरेशन बंद कर दिए जाते हैं।

उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के इस विंटर शेड्यूल ने हवाई यातायात के मामले में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। एयर इंडिया की नई सेवाओं की शुरूआत के बाद इस सीजन अब तक लगभग 70,000 से 80,000 यात्रियों ने जैसलमेर एयरपोर्ट का उपयोग किया है। विशेष रूप से 27 अक्टूबर का दिन ऐतिहासिक रहा जब एक ही दिन में 6 फ्लाइट्स की सफल लैंडिंग और टेक ऑफ के साथ एयरपोर्ट अपनी व्यस्ततम गतिविधियों के चरम पर था।

हवाई सेवाओं के बंद होने का सीधा प्रभाव स्थानीय पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसाय और गाइडों पर पड़ने की संभावना है। क्योंकि उच्च श्रेणी के पर्यटक आवाजाही के लिए हवाई मार्ग को ही प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, यह सन्नाटा स्थायी नहीं है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले अगले विंटर सीजन के लिए एयरलाइंस ने अभी से खाका खींचना शुरू कर दिया है, जिसमें दिल्ली और मुंबई से कुछ नई उड़ानें जोड़ने के प्रस्ताव भी शामिल हैं।

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