Rajasthan News: अजमेर के रूपनगढ़ इलाके में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को दबोचा है जो लोगों को किस्मत बदलने वाला सुनहरा कछुआ दिखाकर लाखों रुपए ऐंठ रहा था। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 3 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं।

करोड़ों का लालच और 12 लाख की ठगी

दरअसल, ठगी का यह पूरा खेल बड़े ही शातिराना ढंग से रचा गया था। ब्यावर के रहने वाले रसीद नाम के व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि कुछ लोगों ने उसे झांसा दिया कि उनके पास एक दुर्लभ ‘सुनहरा कछुआ’ है। ठगों ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस कछुए की कीमत 1 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। रसीद को झांसा दिया गया कि अगर वह अभी 20 लाख रुपए निवेश करता है, तो उसे मोटा मुनाफा होगा। मुनाफे के चक्कर में आकर पीड़ित ने टुकड़ों में कुल 12 लाख रुपए आरोपियों को थमा दिए।

सीसीटीवी और तकनीक से धरे गए आरोपी

मामला दर्ज होते ही अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने टीम गठित की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और घटनास्थल के आसपास लगे CCTV फुटेज को खंगाला। कड़ियां जुड़ती गईं और 11 अप्रैल 2026 को पुलिस ने दबिश देकर तीन आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने चार आरोपियों ताराचंद बावरिया (27 साल), राहुल योगी (21 साल) और रोहिताश बावरिया (24 साल) निवासी जयपुर ग्रामीण को गिरफ्तार किया गया है।

मोबाइल पर वीडियो दिखाकर जीतते थे भरोसा

ग्राउंड सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह गिरोह काफी समय से एक्टिव था। इनका काम करने का तरीका भी अजीब था। ये सीधे कछुआ नहीं दिखाते थे, बल्कि मोबाइल पर उसका वीडियो और फोटो दिखाकर सामने वाले को यकीन दिलाते थे कि कछुआ वाकई जादुई और कीमती है। सूत्रों ने बताया कि यह गिरोह पहले भी ‘दुर्लभ उल्लू’ और ‘रेड मरकरी’ जैसी चीजें बेचने के नाम पर कई लोगों को चूना लगा चुका है।

पुलिस की अगली कार्रवाई

एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि वे यह कथित सुनहरा कछुआ आखिर लाते कहां से थे। फिलहाल गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस की टीमें जयपुर और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस इस बात की भी लिस्ट बना रही है कि इस गिरोह ने अब तक और कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।

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