Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र से पहले 27 जनवरी को सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक 16वीं विधानसभा के पांचवें सत्र से पूर्व बुलाई गई है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के अनुसार, बैठक दोपहर 3 बजे उनके कक्ष में होगी।

सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक योगेश्वर गर्ग, विपक्ष के मुख्य सचेतक रफीक खान सहित विधायक सुभाष गर्ग, मनोज कुमार और थावरचंद के शामिल होने की संभावना है। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी दलों और सदस्यों से बैठक में भाग लेकर सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए सुझाव देने की अपील की है।

अध्यक्ष ने कहा कि सर्वदलीय बैठक लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने का अहम मंच है, जिससे सदन में सभी दलों की भागीदारी सुनिश्चित होती है और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा का रास्ता बनता है।

बुलेटिन के निर्देशों पर विवाद

बजट सत्र से पहले जारी विधानसभा बुलेटिन को लेकर विवाद भी गहराया हुआ है। बुलेटिन में विधायकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यथासंभव पांच साल से अधिक पुराने विषयों पर सवाल न पूछें। जिन मुद्दों की जानकारी विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है, उनसे जुड़े सवालों से भी बचने को कहा गया है। इसके अलावा राज्य स्तर के बजाय तहसील और विधानसभा क्षेत्र से जुड़े प्रश्न पूछने, अधिक समय और संसाधन खर्च करने वाले तथा तुच्छ विषयों से संबंधित सवाल न पूछने के निर्देश दिए गए हैं।

कांग्रेस ने जताई आपत्ति

बुलेटिन के इन दिशा-निर्देशों पर कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कई नेताओं ने इसे विधायकों के सवाल पूछने के अधिकार को सीमित करने वाला बताया। कांग्रेस का कहना है कि इस तरह के निर्देश लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आघात हैं और विधायकों की भूमिका को कमजोर करते हैं।

स्पीकर ने दिया ये जवाब

विवाद पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने स्पष्ट किया कि यह बुलेटिन कोई नया नहीं है। उन्होंने वर्ष 2020 के बुलेटिन संख्या 26 का हवाला देते हुए कहा कि उस समय भी इसी तरह के निर्देश जारी किए गए थे। अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि यदि ये दिशा-निर्देश पहले से लागू हैं, तो 2026 में इन्हें मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है।

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