Rajasthan News: जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में पढ़ने वाली 4th क्लास की छात्रा अमायरा की आत्महत्या के मामले में CBSE ने स्कूल को दोषी माना है. दो सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद गुरुवार को स्कूल को नोटिस भी भेजा गया.

रिपोर्ट में सामने आया कि अमायरा लगातार बुलिंग की शिकायत करती रही, लेकिन स्कूल ने उसे नजरअंदाज किया. घटना के बाद फोरेंसिक जांच से पहले क्लासरूम की सफाई जैसे कदम भी उठाए गए, जिसे गंभीर लापरवाही माना जा रहा है. इसी नाराजगी के बीच संयुक्त अभिभावक संघ ने 22 नवंबर को दोपहर 2 बजे शहीद स्मारक पर बड़े विरोध और कैंडल मार्च का ऐलान किया है.
अमायरा के मामा साहिल ने शिक्षा विभाग की जांच पर कड़े सवाल उठाए. उनका कहना है कि जांच अधिकारी बार-बार मामला दूसरे एंगल की ओर मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. CBSE और विभाग की रिपोर्टों में साफ विरोधाभास है. उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी हेलोवीन का एंगल जोड़ रहे हैं, जबकि यह मामला उससे जुड़ा ही नहीं. साहिल के मुताबिक अमायरा उस सुबह पूरी तरह खुश थी और स्कूल में भी एंजॉय कर रही थी.
बच्ची के पिता विजय का कहना है कि CBSE की रिपोर्ट आने के बाद भी शिक्षा मंत्री अपनी रिपोर्ट की ‘रिव्यू जांच’ की बात कर रहे हैं, जिससे साफ होता है कि पहले की रिपोर्ट सिर्फ औपचारिकता थी. मां शिवानी ने टूटे मन से कहा कि उन्हें लगता है जैसे कोई बार-बार उनके सीने में चाकू घोंप रहा हो. उनकी बच्ची अब वापस नहीं आ सकती, लेकिन वे चाहती हैं कि किसी और बच्चे को किसी टीचर की लापरवाही की कीमत न चुकानी पड़े.
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