Rajasthan News: जयपुर में बुधवार को मांझे से दस वर्षीय एक बच्चे की गर्दन कटने से उसकी मौत हो गई। अन्य घटना में पतंग लूटते समय नाले में गिरने से 11 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। वहीं कोटा में 4 साल के बच्चे की मौत मांझे से गर्दन कटने के कारण हुई है।

अकेले एसएमएस अस्पताल पंतगबाजी में 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिनका विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है। पुलिस और अन्य सूत्रों के अनुसार अशोक नगर थाना क्षेत्र में बुधवार को राजमहल चौराहे के पास दस वर्षीय धीरकुमार की मांझे से गर्दन कट गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित की दिया। वह मुम्बई से यहां शुभम एंक्लेव में रहने वाली अपनी नानी के घर आया था।
एसएमएस थाना प्रभारी राजेश शर्मा ने बताया कि धीर कुमार के परिजन बिना मोस्टमार्टम कराए शव को ले गए। इस संबंध में पुलिस नियंत्रण कक्ष को भी सूचना दे दी गई थी। इसी प्रकार खो नागोरियान थाना इलाके में खोरी रोपाडा के पास पतंग लूटते समय नाले में गिरने से 11 वर्षीय अर्पित की मौत हो गई। वह बापूनगर रोपाडा का रहने वाला था।
सवाई मान सिंह अस्पताल में मांझे से कटने, छत से गिरने के कारण सिर और हाथ पैरों में चोट, फ्रैक्कर के मामले ज्यादा सामने आए। एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में ही 41 घायल इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से 12 घायलों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है और बाकी के मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इन घायलों में 14 साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या रही। इसके अलावा शहर के अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में भी देर रात तक घायलों का पहुंचना जारी था। एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में पतंगबाजी में घायल होने वालों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।
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