Rajasthan News: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन राशि योजना में बड़ा सुधार किया है. अब राज्य में हर साल 4240 स्कूटियां छात्राओं को दी जाएंगी. पहले यह संख्या 1500 थी. यानी योजना के दायरे को तीन गुना तक बढ़ा दिया गया है.

योजना में हुआ विस्तार
देवनारायण स्कूटी योजना की शुरुआत वर्ष 2011-12 में हुई थी. अब कॉलेज शिक्षा विभाग की सिफारिश पर सरकार ने इसे और व्यापक बनाया है. यह योजना विशेष रूप से राज्य की विशेष पिछड़ा वर्ग (SBC) की छात्राओं के लिए है, ताकि वे उच्च शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं पा सकें.
प्रोत्साहन राशि का प्रावधान
जो छात्राएं स्कूटी वितरण की वरीयता सूची में शामिल नहीं हो पातीं, उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
- स्नातक स्तर पर: प्रथम, द्वितीय या तृतीय वर्ष में 50% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने पर ₹10,000 वार्षिक.
- स्नातकोत्तर स्तर पर: प्रथम वर्ष में ₹20,000 वार्षिक, और पहले वर्ष में 50% या अधिक अंक आने पर द्वितीय वर्ष में भी ₹20,000 वार्षिक.
यह लाभ केवल उन्हीं विशेष पिछड़ा वर्ग की छात्राओं को मिलेगा जिनके माता-पिता की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम है और जो राजकीय कॉलेज या राज्य वित्तपोषित विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही हैं.
अब तक 16,021 छात्राओं को स्कूटी
अब तक सरकार ₹74.35 करोड़ खर्च कर 16,021 छात्राओं को स्कूटी बांट चुकी है. वहीं, ₹9.76 करोड़ की प्रोत्साहन राशि से 19,100 छात्राएं लाभान्वित हुई हैं. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए योजना का बजट ₹56.10 करोड़ तय किया गया है, जिसमें से सितंबर 2025 तक ₹32.92 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं.
भजनलाल सरकार का कहना है कि यह योजना न सिर्फ छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाएगी बल्कि ग्रामीण इलाकों में बेटियों की उच्च शिक्षा तक पहुंच भी आसान करेगी.
पढ़ें ये खबरें
- IND vs NZ: राजकोट के राजा बने KL Rahul, एक शतक से बनाए 3 दमदार रिकॉर्ड, MS Dhoni का रिकॉर्ड स्वाहा
- ‘हमें मिलेगा विपक्ष के बिखराव का फायदा’, मकर संक्रांति पर जदयू MLA चेतन आनंद का बड़ा दावा, CM नीतीश की तारीफ में कही ये बड़ी बात
- जल्द होगा लंबित भूमि विवादों का समाधान, सीएम धामी ने व्यापक और सघन अभियान चलाने के दिए निर्देश
- यूथ कांग्रेस ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय का किया घेराव, अमित पठानिया ने कहा- छत्तीसगढ़ में चूहे ही नहीं, सूर्य भगवान भी खा जाते हैं करोड़ों का धान
- 6 महीने में महज 3 दिन ड्यूटी पर पहुंची शिक्षिका, स्कूल के बाहर बच्चों के साथ धरने पर बैठे नाराज परिजन, गेट पर जड़ा ताला


