Rajasthan News: विधानसभा में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने राज्य सरकार पर पंचायत चुनाव टालने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार हार के डर से सरकार चुनाव नहीं करा रही हैं।

बहस के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि हाईकोर्ट चुनाव कराने के लिए कह चुका है, लेकिन चुनाव नहीं करवाए जा रहे हैं। राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम लागू हुआ, एसआईआर से नई वोटर लिस्ट बन गई, लेकिन सरकार पुरानी वोटर लिस्ट से चुनाव क्यों करवा रही है…?

इस पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि आपको कुछ पता नहीं है, इस तरह की बातें मत किया करो, इस पर डोटासरा ने कहा कि मेरे चीच में बोलोगे, तो आरोप चौकड़ी भुला दूंगा। इस पर जोगाराम पटेल ने कुछ लगाए, तो डोटासरा ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने ही जोधपुर में कहा था कि उन्हें एयरपोर्ट पर घुसने नहीं दिया, जो एक लाख रुपए देता है, वहीं अंदर जाता है।

डोटासरा ने सीएम के सांगानेर से चुनाव लड़ने पर भी तंज कसा। डोटासरा ने पंचायतराज मंत्री मदन दिलावर पर भी तंज कसते हुए कहा कि मंत्री कह रहे हैं कि भैंस का नहीं गाय का दूध पियो… इस पर मंत्री दिलावर ने कहा कि चिंता मत करिए, मिड डे मील की जांच चल रही है। इस पर डोटासरा ने कहा कि आपके खिलाफ 14 मुकदमे तक चल रहे हैं, 6 में आप जमानत पर चल रहे हैं।

क्यों नहीं करवा रहे पंचायत चुनाव

इससे पहले अनुदान मांगों पर पर चर्चा की शुरुआत करते हुए बेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार को घेरा। जूली ने कहा कि संविधान के अनुसार हर पांच वर्ष में पंचायत चुनाव अनिवार्य है, लेकिन राज्य सरकार चुनाव कराने से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव वहीं होने के कारण केन्द्र से मिलने वाली करीब 3000 करोड़ की राशि अटक गई, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

कोरोना काल में भी मनरेगा ने ग्रामीणों को राहत दी, लेकिन अब इस योजना को कमजोर किया जा रहा है। नए प्रावधानों के तहत राज्यों की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार पहले 10 प्रतिशत देने में असमर्थ थी, तो अब 40 प्रतिशत कैसे देगी।

पढ़ें ये खबरें