भरतपुर. विदेशी वेबसाइट दिखाकर क्रिप्टो करेंसी में निवेश कराकर भरतपुर, जयपुर व झुंझुंनूं के गिरोह का 100 करोड़ रुपए की जालसाजी करने का मामला सामने आया है। इसमें जयपुर के विद्याधर नगर व भरतपुर के मथुरा गेट थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है।
पुलिस ने चार आरोपियों को गिरतार किया है। इसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरोह पिछले लंबे समय से तीनों जिलों में ऑफिस संचालित कर लोगों को जोडकऱ निवेश करा रहा था। निवेश के लिए राशि खातों के स्थान पर नकद लेकर दूसरे के माध्यम से क्रिप्टो करेंसी में निवेश कराते थे।

पुलिस के अनुसार कुछ दिन पहले खुद पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आया कि एक कंपनी रसियन वेबसाइट का हवाला देकर इंडिया में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर निवेश करा रही है। इस पर स्थानीय कार्यालय के कर्मचारियों को बुलाकर पूछताछ की गई तो गड़बड़ी की आशंका हुई। इस पर खुद पुलिस ने जांच के आधार पर मथुरा गेट थाने में कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
इसमें जयपुर, भरतपुर व झुंझुंनूं के कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए लाया गया। यहां पुलिस की एक गठित टीम उनसे पूछताछ करने में जुटी है। पुलिस ने कृष्ण कुमार शर्मा पुत्र मुकेशचंद शर्मा निवासी दाहिना थाना गहनौली मोड़ भरतपुर, अतुल शर्मा पुत्र देवेंद्र शर्मा निवासी रणधीरगढ़ थाना भुसावर, मुकुल कुमार पुत्र देवेंद्र शर्मा निवासी रणधीरगढ़ थाना भुसावर व राकेश पुत्र अशोक कुमार शर्मा निवासी इटामड़ा रोड भुसावर को गिरतार किया है। आरोपी अतुल व मुकुल दोनों सगे भाई है।
मथुरा गेट थाने में दर्ज रिपोर्ट में कहा है कि 12 नवंबर 2025 को उप निरीक्षक होतम सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि एक्सपो.आरयू नामक वेबसाइट व मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आम जनता को निवेश के नाम पर उच्च लाभ एवं बोनस का लालच देकर धनराशि एकत्रित की जा रही है। एप्लिकेशन में लोगों को रेफ एंड अर्न, रोजाना और हते में ज्यादा ब्याज एवं सदस्य बढ़ाने पर इनाम जैसा लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया गया।
इसमें मुयत: रजत शर्मा उर्फ राजेश कुमार, ईश्वर वर्मा, मगलेश कुमार शर्मा, सुरेंद्र सैनी, शाहरुख खान, सुरेंद्र बरवार, अतुल शर्मा, नरेंद्र डागुर, सोनू उर्फ मनोज कुमार शर्मा एवं इनके अन्य साथियों की ओर यह स्कीम लोगों को जल्दी पैसे कमाने का साधन बिना जोखिम के बताती है, जो सोशल मीडिया पर भी प्रचार-प्रसार एक संगठित गिरोह के माध्यम से किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि यह एप्लिकेशन न तो भारत में सेबी, आरबीआई एवं एमसी किसी भी सक्षम प्राधिकरण के तहत पंजीकृत है और न ही किसी विनियमित जमा योजना के तहत कार्यरत है। यह एप्लिकेशन जमा योजना अनरेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम के तहत जनता से धन संग्रह कर रही है और धोखाधड़ी कर राशि हड़प रही है।
पूर्व में भी पकड़ा जा चुका 400 करोड़ का घोटाला
29 मई 2025 को भी भरतपुर पुलिस ने 400 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ा था। इसमें एक सदस्य तो सीए था, जो कि 28 लाख रुपए महीने के वेतन पर काम करता था। प्रकरण में पीड़ित फिनो पेमेंट बैंक के खाते के खिलाफ साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत का विश्लेषण किया गया था तो 1930 पर करीब तीन हजार शिकायतें खाते के विरोध में दर्ज पाई गईं थी। यह प्रकरण क्रिप्टो करेंसी के नाम पर निवेश कराकर धोखाधड़ी का ही था। इसी तरह जून 2025 में भरतपुर के लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर 150 लोगों से 5 करोड़ रुपए की ठगी करने के मामले में भरतपुर पुलिस ने जयपुर व गुरुग्राम में दबिश देकर आठ आरोपियों को पकड़ा था। ये ठग जयपुर में बैठकर लोगों को लुभावने झांसे देकर ठगी कर रहे थे।
पढ़ें ये खबरें
- ‘जीरो टॉलरेंस का दावा जीरो’, कानून व्यवस्था को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा, 2 साल में 108300 लोगों के गायब होने का किया दावा
- वेंटिलेटर पर एमपी का हेल्थ सिस्टम: गड़बड़ाती व्यवस्थाओं पर स्वास्थ्य राज्य मंत्री का गैर जिम्मेदाराना बयान, कांग्रेस ने बताया शर्मनाक
- हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव पर रोक लगाने की याचिका खारिज, अदालत ने कहा- चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, अब हस्तक्षेप करना ठीक नहीं
- Today’s Top News : पूर्व गृह मंत्री कंवर ने PM, CS और PWD सचिव को लिखा पत्र, मकान में चल रहे SEX Racket का भंडाफोड़, ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी की चपेट में आने से छात्र की मौत, मुठभेड़ में 7 नक्सली ढेर, असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर के पास 5 लाख कैश लेकर पहुंचे NSUI कार्यकर्ता… समेत पढ़ें दिनभर की प्रमुख खबरें
- IPS Central Deputation: केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए आईपीएस अधिकारी मृगाखी डेका और अभिनव चौकसे, एमपी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी सेवाएं

