Rajasthan News: राजस्थान की राजनीति में इन दिनों बयानों के तीर अपनों पर ही चल रहे हैं। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने शहीद स्मारक पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान कुछ ऐसा कह दिया, जिससे कांग्रेस के बड़े नेताओं के माथे पर पसीना आ गया है। दरअसल, डोटासरा ने साफ लहजे में कह दिया कि केवल ट्विटर चलाने और गनमैन-ड्राइवर के साथ फोटो खिंचवाने से पार्टी की सरकार वापस नहीं आने वाली।

डोटासरा ने आखिर क्या कहा?

सूत्रों ने बताया कि डोटासरा इस बात से नाराज थे कि जमीन पर संघर्ष कम और सोशल मीडिया पर दिखावा ज्यादा हो रहा है। उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए कहा केवल ट्वीट करने से जनता नहीं जुड़ती। नेताओं को अपने साथ भीड़ लानी होगी, न कि सिर्फ सुरक्षाकर्मी। हर नेता को घर से बाहर निकलकर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

बीजेपी ने घेरा, राजेंद्र राठौड़ का पलटवार

इधर, डोटासरा के इस बयान को लपकने में बीजेपी ने भी देरी नहीं की। राजस्थान के कद्दावर नेता राजेंद्र राठौड़ ने चुटकी लेते हुए कहा कि डोटासरा ने सीधे तौर पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को आईना दिखाया है। राठौड़ ने तंज कसा कि कांग्रेस के नेता ट्वीट-ट्वीट का खेल खेल रहे हैं और डोटासरा खुद स्वीकार कर रहे हैं कि उनके पास न भीड़ है और न ही संगठन की ताकत।

बता दें कि डोटासरा का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस संगठन में बदलाव की चर्चाएं जोरों पर हैं। जानकारों की मानें तो यह नसीहत सीधे तौर पर उन बड़े नेताओं के लिए है जो फील्ड में पसीना बहाने के बजाय केवल डिजिटल मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।

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