Rajasthan News: आधुनिक भारत के दौर में जहां देश विज्ञान और तकनीक में तरक्की कर रहा है, वहीं राजस्थान के बूंदी जिले से अंधविश्वास से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रामनगर कंजर कॉलोनी के निवासी सुमेर सिंह की छह महीने पहले एक दुर्घटना में मौत हो गई थी, जिनका इलाज बूंदी के जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में हुआ था। अब, मृतक की आत्मा को “शांति” दिलाने के लिए परिजन ढोल-नगाड़ों के साथ उसी अस्पताल पहुंच गए।

भीड़ जुटी, अस्पताल बना तमाशा-स्थल
परिजनों का मानना था कि सुमेर सिंह की आत्मा अस्पताल में भटक रही है, जिसे “मंत्र-टोटकों” से मुक्त किया जा सकता है। शनिवार को अस्पताल परिसर में करीब आधे घंटे तक ढोल-नगाड़ों और धार्मिक अनुष्ठानों का नजारा देखने को मिला। इस दौरान अस्पताल के बाहर काफी भीड़ इकट्ठा हो गई, लेकिन परिजनों ने किसी की भी बात नहीं सुनी।
प्रशासन लाचार, अस्पताल स्टाफ असहाय
इस घटनाक्रम पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रभाकर विजय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अस्पताल में स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों की भारी कमी है। “जब 50 लोगों की भीड़ एक साथ आ जाती है, तो हमारे पास उन्हें रोकने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती। ट्रॉमा सेंटर के पास पुलिस चौकी है, ऐसे मामलों में कार्रवाई की जिम्मेदारी पुलिस की बनती है।”
उन्होंने बताया कि सुरक्षा बल बढ़ाने की मांग को लेकर कई बार पुलिस अधीक्षक (SP) को पत्र लिखा गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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