Rajasthan News: राजस्थान में साइबर ठग अब अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना रहे हैं, और यह तब उजागर हुआ जब फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने राज्य में रेड मारकर इन जालसाजों का पर्दाफाश किया। ये ठग करोड़ों रुपए की ठगी कर रहे थे और जब FBI ने मामले की जांच शुरू की, तो यह पाया गया कि इन ठगों का नेटवर्क जयपुर और नागौर में सक्रिय था।
अमेरिकी नागरिकों से ठगी की सूचना मिली थी
FBI ने राजस्थान की पुलिस और इंटेलिजेंस को सूचित किया कि अमेरिकी नागरिकों से ठगी की जा रही है। जांच के दौरान पता चला कि साइबर ठगों ने जयपुर और नागौर में कॉल सेंटर स्थापित कर रखे थे, जिनके जरिए वे अमेरिकी नागरिकों को शिकार बना रहे थे।

फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश
FBI की सूचना पर राजस्थान पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की और चार फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया। इन कॉल सेंटरों से लगभग 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो अमेरिकी नागरिकों को विभिन्न अपराधों में फंसाने की धमकी देकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। ठगों का तरीका यह था कि वे अपने पीड़ितों को लीगल नोटिस भेजने की बात करते थे और गिरफ्तारी वारंट जारी करने की धमकी देते थे। इस तरह से वे पीड़ितों को डराकर पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।
साइबर ठगों के पैसे ट्रांसफर करने का तरीका
ठगों का एक और शातिर तरीका था कि वे अमेरिकी नागरिकों से वर्चुअल ऑफिस के जरिए चेक प्राप्त करते थे। इसके बाद, इन चेकों को अमेरिकी बैंक में जमा कर दिया जाता था, और फिर वायर ट्रांसफर के जरिए रकम को फर्जी कंपनियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था, जो भारत में स्थित थे। ठग अमेरिकी सर्वर का इस्तेमाल करते थे, ताकि पुलिस को यह न पता चले कि ट्रांजेक्शन एक अलग देश की IP एड्रेस से किया जा रहा है।
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