Rajasthan News: राजधानी जयपुर में शुक्रवार को मानसून की शुरुआती बारिश ने नगर निगम और प्रशासन की तैयारियों की कलई खोल दी। बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और सड़कों के धंसने की घटनाओं ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।
गोपालपुरा बाइपास, टीएन मिश्रा मार्ग और गंगा-जमुना पेट्रोल पंप के पास सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे न केवल ट्रैफिक बाधित हुआ, बल्कि जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के बीच जिम्मेदारी को लेकर विवाद भी सामने आया।

60 फीट सड़क धंसी, ट्रैफिक ठप
गोपालपुरा बाइपास पर करीब 60 फीट लंबी, 25 फीट चौड़ी और 15 फीट गहरी सड़क धंसने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रशासन ने बैरिकेड लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जगतपुरा अंडरपास में 3 फीट तक पानी भरने से इसे भी बंद करना पड़ा, जिससे वैकल्पिक मार्गों पर दबाव बढ़ गया।
शहर बना तालाब, दुकानों-घरों में घुसा पानी
मोती डूंगरी रोड, लक्ष्मी मंदिर से गोविंद मार्ग तक सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। सोढ़ाला और मानसरोवर रोड पर जलभराव के कारण वाहनों की आवाजाही रुक-रुक कर चली। कई इलाकों में दुकानों और घरों में पानी घुस गया, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया। ट्रैफिक पुलिस की तैनाती के बावजूद मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लगा रहा।
मानसून से पहले नालों की सफाई और सड़कों की मरम्मत के दावे करने वाले नगर निगम और प्रशासन की तैयारियां बारिश के पहले ही दौर में धराशायी हो गईं। सड़क धंसने की घटना में जेडीए और पीएचईडी के बीच जिम्मेदारी को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए त्वरित समाधान की मांग की है।
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