Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट के एसआई भर्ती-2021 रद्द करने के फैसले पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपनी राय व्यक्त की। जैसलमेर दौरे के दौरान मंत्री शेखावत ने कहा कि एक बार विस्तार से फैसले की समीक्षा जरूरी है। उन्होंने माना कि उन्होंने पूरे फैसले को नहीं पढ़ा है, लेकिन जो अंश उन्होंने देखे हैं, उससे यह समझा जा सकता है कि कोर्ट ने अंतिम निर्णय राज्य सरकार पर छोड़ा है।

मंत्री शेखावत ने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी दृष्टि में राज्य सरकार की मंशा यह होनी चाहिए कि परीक्षा रद्द न हो, बल्कि दोषियों को दंडित किया जाए। उन्होंने कहा, सैकड़ों लोग हैं, जिन्होंने नौकरियां छोड़कर अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर ट्रेनिंग की। ऐसे लोगों को दंडित करना उचित नहीं है। राज्य सरकार इस विषय पर चर्चा कर रही है और मुझे लगता है कि जल्द ही इस आदेश की समीक्षा हो जाएगी और स्पष्टता सामने आएगी।

इस दौरान शेखावत ने जैसलमेर में सोनार दुर्ग प्रोजेक्ट और हवाई कनेक्टिविटी समेत अन्य मुद्दों पर जिला कलेक्टर प्रताप सिंह और एएसआई विभाग की टीम के साथ बैठक भी की। इसके अलावा उन्होंने पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी के निधन पर संवेदना व्यक्त की।

शेखावत ने किरोड़ीलाल मीणा और हनुमान बेनीवाल की बयानबाजी पर कहा कि दो व्यक्तियों की निजी बातचीत पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की मां पर अमर्यादित टिप्पणी को गलत बताया और कहा, मां हमेशा आदरणीय होती हैं, चाहे किसी की भी क्यों न हों। जो लोग संविधान की किताब जेब में रखते हैं, वही अक्सर उसकी मर्यादा भूल जाते हैं।

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