Rajasthan News: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर जोधपुर में विकास कार्यों में देरी और उपेक्षा का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि शहर की ऐतिहासिक धरोहर और बुनियादी सुविधाओं की हालत को लेकर वे चिंतित हैं और सरकार को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।

गहलोत ने लिखा कि सीवरेज व्यवस्था सुधार के लिए करीब 300 करोड़ रुपए की योजना जांच के नाम पर लंबित है, जिससे शहर में जलभराव और गंदगी की समस्या बढ़ रही है। उन्होंने रानीसर, पदमसर, गुलाबसागर और फतेहसागर जैसे पुराने तालाबों के संरक्षण के लिए स्वीकृत राशि जल्द जारी करने की मांग भी की।

युवाओं से जुड़ी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 100 करोड़ की लागत से बना स्टेट स्पोर्ट्स आवासीय सेंटर अधूरा पड़ा है। 3.8 करोड़ रुपए की फाइल लंबित होने से स्विमिंग पूल और इंडोर हॉल शुरू नहीं हो पाए हैं। नए हॉस्टल तैयार होने के बावजूद हैंडओवर नहीं हुआ, जिससे खिलाड़ी जर्जर भवनों में रह रहे हैं। सुमेर पब्लिक लाइब्रेरी की नई इमारत भी स्टाफ और बजट के अभाव में शुरू नहीं हो सकी है।

इससे पहले गहलोत ने संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन के उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड पर दिए बयान को गलत और भ्रामक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि घटना के तुरंत बाद राजस्थान पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और बाद में जांच केंद्र सरकार ने एनआईए को सौंप दी। उनके अनुसार, परिवार अब भी न्याय का इंतजार कर रहा है।

गहलोत ने यह भी दावा किया कि कन्हैयालाल के हत्यारे भाजपा से जुड़े थे और अब तक सजा नहीं मिलने से लोगों में शंका पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान मुआवजे को लेकर भ्रम फैलाया गया, जबकि परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा और दोनों बेटों को सरकारी नौकरी दी गई। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अब इस मुद्दे पर केंद्रीय नेताओं की चुप्पी बनी हुई है।

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