Rajasthan News: राजस्थान की एसआई भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है, जब हरियाणा के एक गैंग की भूमिका सामने आई है। पहले तक पेपर लीक में ज्यादातर ट्रेनी एसआई ने जगदीश विश्नोई, सुरेश ढाका, भूपेंद्र सारण, यूनिक भांबू, और शेर सिंह मीणा से पेपर लिया था। लेकिन हाल ही में गिरफ्तार हुए चार ट्रेनी एसआई ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सुरजीत, नीरज, मोनिका, और रेणु ने हरियाणा की गैंग से 40 लाख रुपये में पेपर खरीदा था, जो अब तक का सबसे महंगा पेपर लीक का मामला बताया जा रहा है।

हरियाणा गैंग की जांच में जुटी एसओजी
एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) अब हरियाणा गैंग तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इन चारों ट्रेनी एसआई को परीक्षा से पहले ही पेपर मिल गया था, जिससे वे तैयारी कर परीक्षा में अच्छे अंक लाने में कामयाब हुए। सुरजीत ने इस परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल की थी, जबकि नीरज ने 88वीं, मोनिका ने 69वीं, और रेणु ने 114वीं रैंक पाई थी।
कोर्ट में हुई जोरदार बहस
गुरुवार को कोर्ट में इस मामले को लेकर तीखी बहस हुई। नीरज के वकील स्वदीप सिंह होरा ने कोर्ट में दलील दी कि नीरज की गिरफ्तारी अवैध है क्योंकि उसे “ग्राउंड ऑफ अरेस्ट” और “रीजन ऑफ अरेस्ट” लिखित में नहीं बताए गए। एसओजी की ओर से एपीपी सागर तिवाड़ी ने जवाब में कहा कि सभी आरोपियों को ये जानकारी लिखित में दी गई है, और उनकी रिमांड इसलिए जरूरी है ताकि उनसे आगे की पूछताछ की जा सके। कोर्ट में करीब 5 घंटे की सुनवाई के बाद ट्रेनी एसआई को 17 अक्टूबर तक की रिमांड पर भेज दिया गया।
क्या रद्द होगी भर्ती?
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार की मंत्रिमंडलीय समिति ने भी कल एक बैठक की। बैठक में कई विकल्पों पर चर्चा हुई, जिसमें दुबारा परीक्षा आयोजित करने, परीक्षा रद्द करने, गिरफ्तार ट्रेनी एसआई को बर्खास्त करने, और मामले की जांच जारी रखते हुए कार्रवाई करने के सुझाव दिए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस पर अंतिम निर्णय 13 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में लिया जा सकता है।
पढ़ें ये खबरें भी
- MP Police Transfer : राज्य पुलिस सेवा के 3 अधिकारियों का तबादला, जानिए किसे क्या मिली जिम्मेदारी
- गया में वकील पर जानलेवा हमला, आक्रोशित अधिवक्ताओं ने निकाला पैदल मार्च, थाना प्रभारी को हटाने की मांग
- Middle East Crisis का MP में क्या असर? 3 सदस्यीय मंत्री-अधिकारियों की समिति का गठन, आपूर्ति व्यवस्था की करेंगे निगरानी, CM डॉ. मोहन ने कहा- पैनिक होने की जरूरत नहीं
- ओडिशा विधानसभा में बिजली आपूर्ति और स्मार्ट मीटर को लेकर हुई तीखी बहस
- साय कैबिनेट की बैठक : कर्मचारी चयन मंडल और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय विधेयक को मंजूरी, राजनांदगांव में बनेगी अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी…समेत पढ़ें अन्य फैसले

