Rajasthan News: जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में चिकित्सा इतिहास का एक नया अध्याय जुड़ गया है। शनिवार को यहां पहली बार रोबोट की सहायता से किडनी प्रत्यारोपण सर्जरी की गई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, यह उत्तर भारत के किसी सरकारी अस्पताल में पहला रोबोट-असिस्टेड किडनी ट्रांसप्लांट है। इस सर्जरी में 71 वर्षीय मां ने अपने 38 वर्षीय बेटे को किडनी दान की, और दोनों की हालत अब स्थिर है।

रोबोट की निगरानी में हुई जटिल सर्जरी
यह सर्जरी दिल्ली से आए वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. अनंत कुमार की देखरेख में की गई। उनकी टीम ने जयपुर के डॉक्टरों के साथ मिलकर यह जटिल प्रक्रिया पूरी की। डॉ. प्रियदर्शी ने बताया कि दाता की किडनी निकालने के लिए लेप्रोस्कोपिक (कीहोल) तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जबकि प्राप्तकर्ता में प्रत्यारोपण रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की मदद से किया गया।
मरीज को कम दर्द, जल्दी रिकवरी
डॉ. प्रियदर्शी के अनुसार, रोबोटिक तकनीक पारंपरिक सर्जरी से काफी उन्नत है। इसमें छोटा चीरा लगाया जाता है, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और रिकवरी भी जल्दी होती है। साथ ही ऑपरेशन के बाद संक्रमण और अन्य जटिलताओं का जोखिम भी कम रहता है।
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