Rajasthan News: जयपुर नगर निगम ग्रेटर की कार्यकारी समिति (ईसी) की बैठक शुक्रवार को बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक स्थगित कर दी गई। बैठक के लिए बुलाए गए चेयरमैन और अधिकारी करीब डेढ़ घंटे तक बैठक कक्ष में मेयर सौम्या गुर्जर का इंतजार करते रहे, लेकिन वे नहीं पहुंचीं। बाद में सूचना मिली कि बैठक स्थगित कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक के एजेंडे में हिन्दू शरणार्थी सेवा समिति का प्रस्ताव शामिल नहीं किया गया था। यह वही समिति है जिसमें मेयर के पति राजाराम गुर्जर महासचिव हैं। बताया गया कि प्रस्ताव को नियमों का हवाला देते हुए नगर निगम कमिश्नर ने अस्वीकार कर दिया था, जिससे नाराज होकर मेयर ने बैठक रद्द कर दी।
हिन्दू शरणार्थी सेवा समिति की ओर से यह मांग की गई थी कि नगर निगम क्षेत्र के सामुदायिक केंद्रों और पंचायत भवनों को हिन्दू शरणार्थियों के अस्थायी निवास के लिए एक वर्ष तक नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाए।
निगम कमिश्नर ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए कहा कि ऐसे भवनों को किसी संस्था को नि:शुल्क देने का कोई नियम नहीं है, इसलिए इसे कार्यकारी समिति की बैठक में शामिल नहीं किया जा सकता।
बैठक रद्द करने के बाद मीडिया से बात करते हुए मेयर सौम्या गुर्जर ने कहा कि कुछ प्रस्ताव बिना उनकी अनुशंसा के एजेंडा में जोड़ दिए गए, जबकि कई प्रस्ताव जो पार्षद और चेयरमैन पिछले दो साल से दे रहे हैं, उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।
इस बार के एजेंडे में सफाई, विकास या नागरिक सुविधाओं से जुड़े कोई प्रमुख प्रस्ताव नहीं थे। ज्यादातर प्रस्ताव सड़कों और चौरों के नामकरण और कर्मचारियों के स्थायीकरण से जुड़े थे।
बैठक में एक और मुद्दा टोंक रोड का नामकरण था। उपमहापौर पुनीत कर्णावत ने कहा कि पूर्व में कार्यकारी समिति द्वारा रामबाग सर्किल से नगर निगम सीमा तक की सड़क का नाम पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरोसिंह शेखावत के नाम पर रखने का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हुआ। उन्होंने इसे एजेंडे में शामिल करने की मांग की, परंतु इसे भी सूची में नहीं जोड़ा गया। इससे उपमहापौर ने नाराजगी जताई।
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