Rajasthan News: पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के तहत पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC-ERCP) प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार के ईआरसीपी कॉरपोरेशन ने 10 मार्च को इसकी अधिसूचना जारी की थी। खास बात यह है कि इस बार पहली बार किसानों को क्यूआर कोड स्कैन कर अपनी अधिग्रहित भूमि की जानकारी देखने की सुविधा दी गई है।

1100 किसान होंगे प्रभावित, 585 हेक्टेयर जमीन होगी अधिग्रहित
हाड़ौती क्षेत्र में पहली बार इस तरह की अधिसूचना जारी की गई है, जिसके तहत करीब 585 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इस अधिग्रहण से 280 परिवारों के 1100 से ज्यादा किसान प्रभावित होंगे, जिनकी 500 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि इसमें शामिल है। इसके अलावा, राज्य सरकार, चारागाह, जल संसाधन विभाग, पीडब्ल्यूडी, रेलवे, रीको, एनएचएआई और वन विभाग की भूमि भी अधिग्रहण में शामिल होगी।
किसानों को कैसे मिलेगी जानकारी?
ईआरसीपी कॉर्पोरेशन के प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) कोटा के महाप्रबंधक पी.के. गुप्ता ने बताया कि किसानों के लिए क्यूआर कोड आधारित अधिग्रहण सूचना जारी की गई है। किसान ग्राम पंचायत, तहसील, उपखंड अधिकारी और जिला कलेक्टर कार्यालय में उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन कर अपनी जमीन की पूरी जानकारी ऑनलाइन देख सकते हैं।
बारां जिले में किस तरह का अधिग्रहण होगा?
ईआरसीपी निगम ने बारां जिले में महलपुर और रामगढ़ बैराज के लिए 168.05 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत:
- रामगढ़ बैराज के लिए 41.18 हेक्टेयर जमीन
- महलपुर बैराज के लिए 126.87 हेक्टेयर जमीन
- नोनेरा पंप हाउस के लिए 90.80 हेक्टेयर जमीन
22 किलोमीटर लंबी फीडर कैनाल का निर्माण
ईआरसीपी की दूसरी अधिसूचना कोटा पीआईयू क्षेत्र से संबंधित है। इसमें:
- कोटा जिले में 109.51 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण
- बूंदी जिले में 217.98 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण
इस भूमि पर नोनेरा बैराज से चंबल नदी तक 6.5 किमी लंबी फीडर कैनाल बनाई जाएगी। इसके अलावा, 2.280 मीटर लंबा एक्वाडक्ट चंबल नदी पर बनाया जाएगा। चंबल क्रॉस करने के बाद, मेज नदी तक 13 किमी लंबी फीडर कैनाल तैयार होगी। इस तरह कुल 22 किमी लंबी फीडर कैनाल का निर्माण किया जाएगा।
पीकेसी-ईआरसीपी के जमीन अधिग्रहण का विवरण:
– कुल अधिग्रहण: बारां, कोटा और बूंदी में 585 हेक्टेयर भूमि
– प्रभावित किसान: 1100 से अधिक किसान, 280 परिवार
– बूंदी जिले में सर्वाधिक अधिग्रहण: 217.98 हेक्टेयर
– कोटा जिले में अधिग्रहण: करीब 200 हेक्टेयर
– बारां जिले में अधिग्रहण: 168.05 हेक्टेयर
– सरकारी विभागों की भूमि भी अधिग्रहित (जल संसाधन, पीडब्ल्यूडी, रेलवे, रीको, एनएचएआई, वन विभाग)
– प्रमुख निर्माण: रामगढ़ बैराज, महलपुर बैराज, नोनेरा पंप हाउस और फीडर कैनाल
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