Rajasthan News: राजस्थान में तीन फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है। ये तीनों विदेश से MBBS की पढ़ाई करके लौटे थे, लेकिन भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए जरूरी FMGE परीक्षा पास न करने के बावजूद फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे थे। एसओजी अब उस नेटवर्क की भी जांच कर रही है, जो ऐसे नकली सर्टिफिकेट तैयार कर रहा था और बिचौलियों के जरिए विदेशी ग्रेजुएट्स को सिस्टम में घुसाने की कोशिश कर रहा था।

जानकारी के अनुसार तीनों आरोपी दौसा जिले के रहने वाले हैं। एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि पकड़े गए डॉक्टरों में डॉ पीयूष कुमार त्रिवेदी, खुरी कला निवासी डॉ देवेंद्र सिंह गुर्जर और खेरवाल निवासी डॉ शुभम गुर्जर शामिल हैं। तीनों ने असली FMGE पास न कर पाने पर नकली प्रमाणपत्र बनवाकर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप पूरी कर ली थी।
जांच में सामने आया कि डॉ पीयूष त्रिवेदी ने 2022, 2023 और 2024 में FMGE परीक्षा दी, लेकिन हर बार असफल रहा। इसके बाद वह अपने परिचित डॉ देवेंद्र से जुड़ा। देवेंद्र ने अपने साथी शुभम और उनके नेटवर्क के साथ मिलकर करीब 16 लाख रुपये में फर्जी FMGE सर्टिफिकेट और NMC रजिस्ट्रेशन दिलवाने का सौदा किया।
फर्जी दस्तावेज लेकर डॉ. पीयूष ने करौली मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप कर ली। वहीं, शुभम गुर्जर ने अलवर के राजीव गांधी अस्पताल में और देवेंद्र सिंह गुर्जर ने दौसा के मेडिकल कॉलेज में इसी नेटवर्क के जरिए इंटर्नशिप पूरी की। पीयूष त्रिवेदी ने 2022 में जॉर्जिया से MBBS किया था।
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