Rajasthan News: धौलपुर जिले में एक सरकारी अधिकारी के बेटे को कानून के शिकंजे से नहीं बचाया जा सका। करीब साढ़े चार साल पुराने दहेज हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायालय ने सैंपऊ के नायब तहसीलदार नाहर सिंह के बेटे वीरेंद्र उर्फ वीरू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को जीवन के अंतिम क्षण तक जेल में रहना होगा। इसके साथ ही उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

क्या था मामला?
अपर लोक अभियोजक मुकेश सिकरवार के अनुसार, यह मामला 20 फरवरी 2021 का है। पीड़िता के पिता मेघ सिंह, निवासी धारापुरा, राजाखेड़ा ने 22 फरवरी को राजाखेड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी प्रियंका की शादी 11 दिसंबर 2020 को वीरेंद्र उर्फ वीरू से हुई थी, जिसमें करीब 20 लाख रुपये का दहेज भी दिया गया था।
शादी के बाद बढ़ी लालच
मेघ सिंह ने बताया कि विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष–ससुर नाहर सिंह, सास विमलेश और पति वीरेंद्र ने एसी, बुलेट मोटरसाइकिल और 5 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग शुरू कर दी। जब प्रियंका ने इन मांगों को पूरा करने से इनकार किया तो उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
प्रियंका की हत्या और गुपचुप अंतिम संस्कार
20 फरवरी 2021 को प्रियंका की हत्या कर दी गई और परिवार की जानकारी के बिना चुपचाप अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। जब पीड़िता के परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक उसकी चिता जल चुकी थी। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं।
साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों को राहत
जांच के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया, लेकिन सबूतों के अभाव में ससुर नाहर सिंह और सास विमलेश के खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई। मामला अपर सत्र न्यायालय में चला, जहां 22 मई 2025 को अदालत ने वीरेंद्र को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी।
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