Rajasthan News: राजस्थान में अब स्टेट हाईवे के टोल प्लाजा पर फास्टैग सुविधा शुरू हो गई है। इस नई व्यवस्था से वाहन चालकों को अनावश्यक देरी और विवादों से राहत मिलेगी। साथ ही, टोल से प्राप्त होने वाली राशि सीधे सरकार के खाते में जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।

फास्टैग की सुविधा का विस्तार
राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (RSRDC) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, पहले राज्य के सभी टोल प्लाजा मैनुअल ऑपरेट होते थे। अब 107 टोल प्लाजा में से 103 पर फास्टैग की सुविधा लागू कर दी गई है। शेष चार टोल प्लाजा पर भी एक से दो सप्ताह के भीतर यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
वाहन चालकों को होगा फायदा
फास्टैग के माध्यम से टोल भुगतान प्रक्रिया तेज और विवाद रहित होगी। टोल प्लाजा पर राशि का हेरफेर और ज्यादा शुल्क वसूलने जैसी घटनाओं पर भी रोक लगेगी। साथ ही, टोल कलेक्शन की पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, जिससे आम जनता को बेहतर सेवा मिलेगी।
राजस्थान में फास्टैग का विस्तार
- कुल टोल प्लाजा: राजस्थान में 186 टोल प्लाजा हैं।
- फास्टैग सुविधा शुरू: 172 टोल प्लाजा पर फास्टैग की सुविधा चालू हो चुकी है।
- RSRDC के तहत टोल प्लाजा: 107 में से 103 पर सुविधा लागू।
- राजस्थान सड़क प्राधिकरण (Rajasthan Road Authority): 40 टोल में से 36 पर फास्टैग शुरू।
- सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD): 8 में से 2 टोल पर सुविधा चालू।
- रिडकोर: 31 टोल प्लाजा पर पहले से ही फास्टैग उपलब्ध।
पारदर्शिता और आधुनिकता की ओर कदम
सरकार का उद्देश्य टोल कलेक्शन को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाना है। फास्टैग सुविधा से न केवल भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी, बल्कि वाहन चालकों के समय की बचत भी होगी।
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