Rajasthan News: राजस्थान के शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी स्कूलों के लिए एक ऐसा आदेश जारी किया है, जिसे पढ़ हर कोई हैरान है। नए निर्देशों के तहत अब शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को पढ़ाई के साथ-साथ स्कूल परिसर में आवारा कुत्तों को रोकने और उन्हें पकड़वाने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद शिक्षा निदेशालय ने यह कदम छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को देखते हुए उठाया है।

क्यों जारी हुआ आदेश

बीते कुछ समय में आवारा कुत्तों के काटने की घटनाओं में तेजी आई है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई थी। इसी के बाद शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने निर्देश जारी करते हुए साफ कहा है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

स्कूलों को क्या करना होगा

आदेश के अनुसार स्कूल परिसरों में मजबूत बाड़, चारदीवारी और गेट की व्यवस्था करनी होगी, ताकि आवारा कुत्तों की एंट्री रोकी जा सके। शिक्षकों और स्कूल इंचार्ज को स्थानीय नगर निगम, विकास प्राधिकरण और प्रशासन से समन्वय कर कुत्तों को पकड़वाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करनी होगी।

इसी के साथ ही स्कूलों में कचरा प्रबंधन और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करनी होगी, ताकि कुत्ते परिसर में न आएं। हर स्कूल को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से जोड़ा जाएगा, जहां रेबीज के टीके उपलब्ध हों। बच्चों को यह भी सिखाया जाएगा कि जानवरों के आसपास कैसे व्यवहार करें और कुत्ते के काटने पर तुरंत क्या कदम उठाएं।

शिक्षकों में बढ़ा असंतोष

इस आदेश के बाद शिक्षक संगठनों में नाराजगी सामने आई है। शिक्षकों का कहना है कि वे पहले ही 50 से अधिक सरकारी योजनाओं और गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ उठा रहे हैं। अब आवारा कुत्तों पर नजर रखने की जिम्मेदारी से उनकी मूल भूमिका, यानी पढ़ाई, प्रभावित होगी।

शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) हर तीन महीने में स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। यदि परिसर में आवारा कुत्ते पाए गए या आदेश की अनदेखी हुई, तो संबंधित अधिकारियों और स्कूल इंचार्ज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पढ़ें ये खबरें