Rajasthan News: राजस्थान के जयपुर रेंज में मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए पुलिस ने एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। रविवार से पूरे रेंज में ‘ऑपरेशन एंटी-वेनम’ (Operation Anti-Venom) की शुरुआत की गई है, जो 31 मार्च तक चलेगा। इस अभियान के तहत नशे के कारोबार से जुड़े अपराधियों की धर-पकड़ के लिए रेंज के जिलों को अलग-अलग ‘हॉटस्पॉट’ श्रेणियों में बांटा गया है।

जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि पिछले आपराधिक मामलों के आधार पर थानों को हाई, मीडियम, लो और जीरो फ्रीक्वेंसी हॉटस्पॉट में चिह्नित किया गया है। अभियान के दौरान इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी और दबिश दी जाएगी।

ये है पुलिस की तैयारी

जयपुर ग्रामीण: शाहपुरा, मनोहरपुर, आंधी, चंदवाजी और सामोद को ‘हाई फ्रीक्वेंसी हॉटस्पॉट’ माना गया है।

भिवाड़ी व कोटपूतली: भिवाड़ी थाना (10 मामले) और कोटपूतली थाना क्षेत्र को ‘हाई फ्रीक्वेंसी’ श्रेणी में रखा गया है।

दौसा: यहां अपराध का ग्राफ अधिक है, जिसमें कोतवाली थाना (12 मामले) सबसे ऊपर है। महवा और लालसोट में भी 8-8 मामले दर्ज हैं।

सीकर व अलवर: सीकर के कोतवाली और उद्योग नगर सहित कई क्षेत्रों को हाई फ्रीक्वेंसी में रखा गया है, वहीं अलवर के कोतवाली और राजगढ़ को मीडियम हॉटस्पॉट माना गया है।

झुंझुनूं व खैरथल-तिजारा: इन जिलों में भी चिड़ावा, पिलानी और कोटकासिम जैसे क्षेत्रों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

ड्रग फ्री राजस्थान का लक्ष्य

आईजी राहुल प्रकाश ने रेंज के सभी पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मादक पदार्थों के उत्पादन, बिक्री, परिवहन और सेवन के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की गर्त से बाहर निकालना और तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।

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