Rajasthan News: केन्द्र सरकार द्वारा लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पारित किए जाने के बाद अब इसके खिलाफ विरोध तेज़ हो गया है। राजस्थान की इकलौती नवाबी रियासत टोंक से इस विरोध की शुरुआत हुई, जहां शुक्रवार रात मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खुलकर इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया।

टोंक में विरोध प्रदर्शन, वक्फ बिल वापस लेने की मांग

टोंक जिला मुख्यालय स्थित पटेल सर्किल पर मुस्लिम उलेमा, बुद्धिजीवी, युवा और महिलाएं एकजुट होकर “वक्फ बिल वापस लो” के नारे लिखी तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे। मंच से सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि हम किसी भी स्थिति में यह बिल स्वीकार नहीं करेंगे, और जो भी दिशा-निर्देश मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से आएंगे, उसी आधार पर आगे की आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

“वक्फ संपत्तियों में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं”

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार को चेताते हुए कहा कि वक्फ की संपत्तियों में किसी भी तरह का दखल मंजूर नहीं है। नारेबाज़ी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के माध्यम से लोगों ने अपनी नाराज़गी जताई और कहा कि जब तक बिल वापस नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा।

शाहीन बाग जैसा आंदोलन करने की चेतावनी

वक्ताओं ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने बिल को वापस नहीं लिया, तो टोंक में भी जल्द ही शाहीन बाग जैसे बड़े आंदोलन की शुरुआत होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा सही नहीं है और यह बिल मुस्लिम समाज के धार्मिक और सामाजिक ढांचे में हस्तक्षेप करने वाला है।

बिल किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं

टोंक के धार्मिक उलेमाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वक्फ से जुड़ी व्यवस्था में किसी तरह की छेड़छाड़ उन्हें मंजूर नहीं है। वे इसके खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार इस कानून को वापस नहीं ले लेती।

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