Rajasthan News: राजस्थान में इस वक्त हालात बदतर होते जा रहे हैं। एलपीजी और कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को गैस भरवाने के लिए लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है, जिसे देखकर ऐसा लग रहा है मानो कोरोना काल या नोटबंदी का दौर फिर से लौट आया हो।

शादियों के सीजन में गैस का संकट

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। डोटासरा के अनुसार, खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के चलते सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत हो गई है। इसका सीधा असर आम जनता और शादियों के सीजन पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने खाने के दाम बढ़ा दिए हैं। कोटा, सीकर और जयपुर जैसे शिक्षा केंद्रों में छात्रों की मेस तक प्रभावित हो रही है। शादियों में मेहमानों की संख्या सीमित की जा रही है, क्योंकि खाना बनाने के लिए गैस ही नहीं है।

सरकार पर डोटासरा का प्रहार

डोटासरा ने मुख्यमंत्री और खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार सिर्फ बयानबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि मंत्री जी कह रहे हैं कि सप्लाई करना उनका काम नहीं, सिर्फ मॉनिटरिंग करना है। डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा, मुख्यमंत्री 11 दिन बाद जगे हैं और अब कह रहे हैं कि कार्रवाई करेंगे, लेकिन हकीकत में जनता परेशान है।

उन्होंने कोटा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां एक कचौड़ी विक्रेता के पास गैस नहीं है, तो वो ओम बिरला जी को गर्म कचौड़ी कैसे खिलाएंगे? डोटासरा ने चेतावनी दी कि अगर जल्द स्थिति नहीं सुधरी, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की स्थिति भी विकट हो जाएगी।

अब होगा आर-पार का आंदोलन

सरकार को कुंभकर्णी नींद से जगाने के लिए कांग्रेस अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। गोविंद सिंह डोटासरा ने घोषणा की है कि कल से जिला स्तर पर और उसके बाद ब्लॉक स्तर पर बड़े आंदोलन किए जाएंगे। साथ ही, उन्होंने राइजिंग राजस्थान को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इनका आधा कार्यकाल बीत गया, लेकिन एक भी नया उद्योग नहीं लगा।

वहीं, बीजेपी नेता मदन राठौड़ के आरोपों पर पलटवार करते हुए डोटासरा ने कहा, अगर कांग्रेस गैस छुपा रही है, तो छापेमारी करवा लो, हमें कोई डर नहीं है।

इस गैस किल्लत का सीधा असर मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है। शादियों का सीजन होने के कारण डिमांड ज्यादा है, लेकिन सप्लाई बाधित होने से बाजार में कालाबाजारी का डर सता रहा है। यदि प्रशासन ने अगले 48 घंटों में सप्लाई चेन ठीक नहीं की, तो आने वाले दिनों में रेस्टोरेंट और होटल पूरी तरह ठप हो सकते हैं, जिससे महंगाई का एक नया दौर शुरू हो सकता है।

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