Rajasthan News: पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार ट्रैवल ब्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को लेकर नए-नए चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। शनिवार, 17 मई को गिरफ्तार की गई ज्योति के सोशल मीडिया पोस्ट्स और यात्राओं से यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान से लौटने के बाद उसने राजस्थान में उदयपुर और जयपुर की यात्रा की थी, जिसे उसने अपने इंस्टाग्राम पर खुलेआम साझा भी किया।

8 देशों की यात्रा, पाकिस्तान में मिली खास पहुंच
जांच एजेंसियों के अनुसार, ज्योति चीन और पाकिस्तान समेत कुल आठ देशों की यात्रा कर चुकी है। पाकिस्तान यात्रा के दौरान उसे उन इलाकों तक पहुंच मिली, जहां आम पाकिस्तानी नागरिक भी नहीं जा सकते। यह सब संभव हो पाया पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के संपर्क से, जिसे भारत ने 13 मई को जासूसी गतिविधियों के चलते निष्कासित कर दिया था।
उदयपुर-जयपुर के बीच राजस्थान कनेक्शन पर सवाल
ज्योति ने पाकिस्तान यात्रा के बाद राजस्थान के उदयपुर और जयपुर में समय बिताया। इन जगहों से संबंधित पोस्ट्स उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर अब भी देखे जा सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि इन यात्राओं के पीछे कोई रणनीतिक मकसद हो सकता है, हालांकि फिलहाल उसके पास किसी सैन्य या गुप्त जानकारी तक सीधी पहुंच नहीं थी।
“लग्जरी लाइफ और इजी मनी” का लालच बना जाल
हिसार के एसपी शशांक कुमार सावन के अनुसार, पाकिस्तान ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के जरिए अपने पक्ष में माहौल बनाने की साजिश रची थी। इसी मकसद से ज्योति जैसे यूट्यूबर्स को निशाना बनाया गया। एसपी ने बताया कि ज्योति कुछ व्यूज, लाइक्स और आसान पैसे व लग्जरी जीवनशैली के चक्कर में पाकिस्तान की खुफिया साजिश में फंस गई। उसके यूट्यूब चैनल पर 3.77 लाख सब्सक्राइबर हैं।
वीजा के बहाने संपर्क में आई पाकिस्तानी अधिकारी से
ज्योति 2023 में पाकिस्तान वीजा के लिए दिल्ली स्थित पाक उच्चायोग गई थी, जहां वह दानिश के संपर्क में आई। दानिश ने ही उसे पाकिस्तान भेजा और वहां ठहरने की व्यवस्था की। वहां उसकी मुलाकात अली अहवान, शाकिर और राणा शाहबाज जैसे लोगों से कराई गई, जो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए कोड नेम का इस्तेमाल
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, ज्योति ने राणा शाहबाज का नंबर ‘जट रंधावा’ के नाम से सेव किया था ताकि किसी को शक न हो। वह व्हाट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तानी अधिकारियों से जुड़ी हुई थी। दिल्ली स्थित पाक दूतावास में वह कई बार दानिश से मिली थी और संवेदनशील जानकारियां साझा करती रही।
फाइनेंसियल ट्रेल की भी जांच जारी
फिलहाल पुलिस उसकी फाइनेंसियल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे किन-किन माध्यमों से पैसा मिला और किस उद्देश्य से इन यात्राओं की योजना बनाई गई थी। इस केस को देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरे के रूप में देखा जा रहा है।
क्या आगे और गिरफ्तारी होगी?
जांच एजेंसियों का मानना है कि ज्योति की गिरफ्तारी महज शुरुआत है। इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारी संभव है।
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