Rajasthan News: राजस्थान में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने गुरुवार को जयपुर में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और प्रशासन पर मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाए। दोनों नेताओं ने इसे लोकतंत्र से खिलवाड़ बताते हुए कड़ा विरोध जताया।

डोटासरा का कलेक्टर्स पर हमला

डोटासरा ने जिला कलेक्टर्स को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नियमों से हटकर किसी तरह की कार्रवाई हुई तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता और कार्यकर्ता बूथ लेवल ऑफिसर्स पर दबाव बना रहे हैं। डोटासरा ने लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भाजपा कार्यकर्ता जबरन फॉर्म डालकर नाम जुड़वाने की कोशिश कर रहे हैं।

OTP और बल्क एंट्री का आरोप

डोटासरा ने दावा किया कि कुछ अधिकारी बीएलओ से ओटीपी तक हासिल कर रहे हैं और बड़े पैमाने पर नाम जोड़े जा रहे हैं। उनके मुताबिक हर बूथ पर तय संख्या में नए नाम जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि नाम काटने और जोड़ने का फैसला पहले से तय किया जा चुका है। उन्होंने इसे लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश करार दिया।

डोटासरा ने प्रदेशभर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बीएलए को निर्देश दिए कि वे एसडीएम कार्यालय पहुंचकर बल्क में आए फॉर्म्स का ब्योरा मांगें और प्रशासन से जवाब तलब करें।

जूली का आंकड़ों के साथ हमला

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस विधानसभा क्षेत्र से वह लगभग 28 हजार वोटों से जीते थे, उसी क्षेत्र में करीब उतने ही नाम काटे गए हैं। जूली ने सवाल किया कि नए नाम जोड़ने के फॉर्म किसने भरे और किसने जमा किए, इसका प्रशासन के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। उन्होंने सरकारी दफ्तरों के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

फर्जीवाड़े का आरोप, जांच की मांग

जूली ने आरोप लगाया कि प्रिंटेड फॉर्म्स के जरिए नाम काटे जा रहे हैं, जबकि उनमें अनिवार्य मोबाइल नंबर तक दर्ज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी को चुनाव जीतने की इतनी जल्दी है तो चुनाव की प्रक्रिया ही खत्म कर दी जाए।

फॉर्म्स को लेकर सख्त रुख

जूली ने आशंका जताई कि मामले के सामने आने पर कुछ लोग फॉर्म्स वापस लेने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि ये सभी दस्तावेज अब सरकारी रिकॉर्ड हैं और एक भी कागज बाहर नहीं जाना चाहिए। साथ ही चेतावनी दी कि गलत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भविष्य में भी कार्रवाई की मांग जारी रहेगी।

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