Rajasthan News: यौन उत्पीड़न के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट ने 6 महीने की अंतरिम जमानत दी है। अदालत ने यह राहत बढ़ती उम्र और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए दी है। यह फैसला राजस्थान हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने सुनाया।

सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने दलीलें दीं। राज्य सरकार का पक्ष वकील दीपक चौधरी ने रखा, जबकि पीड़िता की ओर से पी.सी. सोलंकी ने अदालत में अपनी बात रखी। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि उम्र और स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए आसाराम को छह महीने की अंतरिम जमानत दी जा रही है ताकि वह इलाज करा सकें।
इससे पहले 7 अक्टूबर को आसाराम की सजा स्थगन और इलाज की अवधि बढ़ाने संबंधी याचिका पर सुनवाई नहीं हो पाई थी। जज ने “एक्सेप्शन नॉट बिफोर मी” का हवाला देते हुए इसे सुनने से मना कर दिया था, जिसके बाद मामला दूसरी बेंच को भेज दिया गया। इस वजह से आसाराम को तत्काल राहत नहीं मिली थी और प्राइवेट आयुर्वेदिक अस्पताल से वापस जोधपुर सेंट्रल जेल लौटना पड़ा था। 86 वर्षीय आसाराम साल 2018 से जोधपुर सेंट्रल जेल में है।
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