Rajasthan News: प्रदेश के सभी जिले के रीको इकाई कार्यालय प्रभारियों को निधर्धारित अवधि में औद्योगिक भूखण्ड पर इकाई का निर्माण व उत्पादन शुरू नहीं करने वाले आवंटियों (उद्यमियों) कोई आरपी पोर्टल के माध्यम से नोटिस जारी करने होंगे।

रीको प्रशासन ने इकाई प्रभारियों से स्पष्ट कहा है कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो संबंधित इकाई प्रभारियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। रीको भू निपटान नियम 1979 के नियम 21 के तहत औद्योगिक क्षेत्रों में आवंटित भूखण्डों पर आवंटी द्वारा निर्धारित समय सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण कर उत्पादन शुरू किए जाने का प्रावधान है।

इसके बाद निधर्धारित विस्तारित समय सीमा में उक्त गतिविधि शुरू नहीं किए जाने पर नियम 24 (1) के तहत संबंधित आवंटी को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने का प्रावधान है। लैंड मॉडयूल के तहत यह नोटिस ईआरपी पोर्टल से जारी करने का प्रावधान किया गया है। लेकिन प्रशासन के संज्ञान में आया है कि इकाई प्रभारियों द्वारा नियम 24 (1) के तहत आवंटियों को कारण बताओ नोटिस ईआरपी पोर्टल से जारी नहीं किए जा रहे हैं।

इस कारण प्रदेश में रीको के औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन गतिविधि शुरू नहीं करने वाले आवंटियों की प्रभारी मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है। इसीलिए रीको की एडवाइजर इंफ्रा निमिषा गुप्ता ने एक आदेश जारी कर सभी इकाई प्रभारियों को धाबंद किया है कि वे ईआरपी पोर्टल के माध्यम से ही कारण बताओ नोटिस जारी करें।

3 साल में शुरू करना होता है उत्पादन

उल्लेखनीय है कि आवंटन की तिथि से 3 साल के भीतर आवंटी को औद्योगिक भूखण्ड पर निर्माण पूर्ण कर उत्पादन शुरू करना होता है। इसके बाद भी उसे उक्त कार्य के लिए और 3 साल (पेनल्टी के साथ) का समय दिया जाता है। इसके बाद आवंटी को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्माण और उत्पादन शुरू नहीं करने के लिए जवाब मांगा जाता है। इसके बाद संतोषप्रद जवाब नहीं होने पर नियमानुसार भूखण्ड आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जाती है।

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