Rajasthan News: राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, सवाई मानसिंह (SMS) में सुरक्षा व्यवस्था और मेंटेनेंस की बड़ी पोल खुल गई है। अस्पताल में लगातार दूसरे दिन रविवार दोपहर 12 बजे आग लगने की घटना सामने आई। आग मेडिकल इमरजेंसी के पास स्थित मां योजना काउंटर के पास बने एक इलेक्ट्रिकल चैंबर में लगी। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां कोई मरीज या तीमारदार मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के वक्त अचानक इलेक्ट्रिकल पैनल से चिंगारियां निकलने लगीं और कमरा धुएं से भर गया। ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने तुरंत इसकी सूचना सिक्योरिटी गार्ड और प्रशासन को दी। अस्पताल के ही फायरफाइटर्स ने मौके पर पहुंचकर अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि शनिवार दोपहर 3 बजे धनवंती ब्लॉक के ऑपरेशन थिएटर (OT) में उस वक्त आग लग गई थी जब प्लास्टिक सर्जन डॉ. सुनील श्रीवास्तव एक बच्चे की सर्जरी कर रहे थे। मशीन में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से सर्जरी करा रहा बच्चा झुलस गया। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए।

अस्पताल में बार-बार हो रहे इन हादसों के बाद कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. राशिम कटारिया ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है। इस कमेटी में डॉ. प्रभा ओम (जनरल सर्जरी एचओडी), डॉ. आर.के. जैन (सीनियर प्लास्टिक सर्जन),
अस्पताल के इलेक्ट्रिकल इंजीनियर शामिल हैं।

जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट अधीक्षक को सौंपेगी, जिसके बाद यह तय होगा कि उपकरणों के मेंटेनेंस में चूक के लिए कौन जिम्मेदार है।

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