Rajasthan News: राजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी जोधपुर से एक बड़ी और परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। शुक्रवार देर शाम शहर का भीतरी इलाका, मकराना मोहल्ला, अचानक जंग के मैदान में तब्दील हो गया। यहां ऐतिहासिक गणगौर की सवारी और फागड़ घुड़ला मेले के दौरान कुछ शरारती तत्वों ने जमकर पत्थरबाजी की, जिससे खुशियों का माहौल दहशत में बदल गया।

ऐसे शुरू हुआ पूरा विवाद

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शाम के समय जब गणगौर की भव्य सवारी निकल रही थी, जिसमें पारंपारिक ट्रैक्टर भी शामिल थे, तभी अचानक माहौल बिगड़ गया। बताया जा रहा है कि नशे में धुत विशेष समुदाय के तीन युवक अपनी बाइक लेकर जबरन जुलूस के बीच घुसने की कोशिश कर रहे थे। जब वहां मौजूद स्थानीय युवकों और ट्रैक्टर चालकों ने उन्हें टोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने अपनी बाइक से ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। इसके बाद बात हाथापाई तक पहुंच गई।

महिलाओं पर पथराव और तोड़फोड़

विवाद बढ़ते ही स्थिति बेकाबू हो गई। दरअसल, उपद्रवियों ने न केवल वहां मौजूद महिलाओं के साथ बदतमीजी की, बल्कि छतों से पथराव भी शुरू कर दिया। देखते ही देखते इलाके में भगदड़ मच गई। चश्मदीदों ने बताया कि उपद्रवियों ने एक ऑटो का अगला शीशा चकनाचूर कर दिया। जुलूस में शामिल कई अन्य वाहनों को भी निशाना बनाया गया। तनाव के बीच मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और जय श्रीराम के नारे गूंजने लगे। इस खौफनाक मंजर के बीच से विदेशी पर्यटकों का एक ग्रुप भी जान बचाकर निकलता दिखा।

अवैध बिल्डिंग से सुनियोजित हमला?

स्थानीय पार्षद और मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि यह हमला अचानक नहीं बल्कि सुनियोजित था। लोगों का कहना है कि पास की एक अवैध इंडिगो बिल्डिंग के ऊपर से पत्थर बरसाए गए। गौरतलब है कि इलाके में लंबे समय से अवैध टैक्सी स्टैंड की समस्या बनी हुई है, जिसे तुरंत हटाने की मांग प्रशासन से की गई है। करीब 4 घंटे तक चले इस ड्रामे के बाद भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

मौके पर पहुंचे डीसीपी ईस्ट मनीष चौधरी ने बताया कि हालात अब पूरी तरह काबू में हैं। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस का पहरा है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो।

इस घटना से जोधपुर के भीतरी शहर के व्यापारियों और आम जनता में काफी नाराजगी है। त्योहार के समय हुई इस हिंसा से न केवल सामाजिक सौहार्द बिगड़ा है, बल्कि पर्यटन पर भी बुरा असर पड़ने की आशंका है। लोग अब सड़कों पर उतरकर अवैध अतिक्रमण और उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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