Rajasthan News: राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (जोरावर सिंह गेट) के स्वर्ण जयंती समारोह में सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरकारी सुविधाओं के दुरुपयोग पर खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों को जरूरत के मुताबिक इलाज और दवाओं की सुविधा दी गई है, लेकिन कुछ लोग इसका गलत फायदा उठा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में एक ही कर्मचारी के नाम च्यवनप्राश के 75 डिब्बे लिख दिए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह उचित है। सरकार कर्मचारियों के हित में काम करना चाहती है, मगर इस तरह की गड़बड़ियां भरोसा तोड़ती हैं। उन्होंने चिकित्सा कर्मियों से सावधानी बरतने और वास्तविक जरूरतमंदों को ही लाभ देने को कहा।

सीएम ने पंचकर्म उपचार को लेकर भी टिप्पणी की। उनके मुताबिक 25–30 साल का एक युवक महीने में चार बार पंचकर्म करा रहा है, जो सामान्य नहीं है। उन्होंने डॉक्टरों को हिदायत दी कि ऐसे मामलों में सतर्क रहें। साथ ही चेतावनी दी कि काम में लापरवाही करने वालों के लिए पश्चिमी राजस्थान में काफी जगह है। उन्होंने कहा कि अब हर गतिविधि पर नजर रहती है और गलत काम करने वालों पर कार्रवाई होगी।

समारोह में केंद्रीय आयुष मंत्री ने संस्थान के विस्तार के लिए जमीन देने का आग्रह किया। इस पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि संस्थान प्रशासन जहां जमीन चिन्हित करेगा, राज्य सरकार वहां जमीन उपलब्ध कराएगी। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा भी मौजूद रहे।

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