Rajasthan News: जयपुर। जयपुर के जगतपुरा महल रोड पर आर्मी डे परेड की पहली रिहर्सल शुक्रवार को सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। इसके बाद 11 जनवरी और 13 जनवरी को रिहर्सल होगी।

इस रिहर्सल को तीन दिन आम लोग भी देख सकेंगे। हर रिहर्सल और मुख्य आयोजन में करीब डेढ़ लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है। रिहर्सल में लड़ाकू विमानों की फ्लाई-पास्ट, सैन्य टुकड़ियों का मार्च, टैंक, मिसाइलए ड्रोन तकनीक और आधुनिक युद्ध क्षमताओं जैसे कि त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और उन्नत संचार नेटवर्क का प्रदर्शन शामिल है।

ऑपरेशन सिंदूर में तबाही मचाने वाले ब्रह्मोस मिसाइल को देखेंगे। हाल ही में भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की धरती पर तबाही मचाने वाला भारत का हाई स्पीड सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस समेत कई मिसाइलों का प्रदर्शन किया जाएगा। इंडिया की सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस 290 किमी दूर दुश्मनों के ठिकानों को तबाह कर सकती है। इस मिसाइल की खासियत इसकी स्पीड है जो रडार के पकड़ से दूर होती है। सटीकता ऐसी की 290 किलोमीटर दूर टारगेट के 1 मीटर के रेंज में जाकर अटैक करता है।

भवानी निकेतन में इनकी दिखी प्रदर्शनी में झलक

प्रदर्शनी में आधुनिक वॉरफेयर सिस्टम, व्हीकल बेस्ड ड्रोन जैमर, एलडीएमए ड्रोन, रैकी वाहन, के-9 वजा, अपग्रेडेड बीएमपी, बीएमपी-2, एमबीटी अर्जुन मार्क-1, टी-90 टैंक, पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम, धनुष आर्टिलरी गन, अल्ट्रा लाइट होवित्जर, मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल, आकाश मिसाइल सिस्टम और सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस जैसे अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किए।

सेना के जवानों ने मौके पर मौजूद लोगों को इन हथियारों की तकनीकी विशेषताओं और ऑपरेशन सिंदूर में उनकी निर्णायक भूमिका की विस्तार से जानकारी दी। जवानों ने बताया कि प्रदर्शनी में शामिल सभी हथियार वास्तविक सैन्य अभियानों में प्रभावी रूप से उपयोग किए जा चुके हैं। प्रदर्शित ‘स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक’ सिस्टम की मारक क्षमता करीब 40 किलोमीटर तक है, जो 15000 फीट की ऊंचाई तक जाकर दुश्मन के ठिकानों को सटीकता से नष्ट करने में सक्षम है। अपग्रेडेड सिल्का सिस्टम ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मनों को करारा जवाब दिया था।

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