Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस नेता शांति धारीवाल ने इतिहास और मुगल शासक अकबर के संदर्भ में कहा कि सरकार एक ओर इतिहास बदलने की बात करती है, वहीं आमेर किले में अकबर की प्रशंसा वाला शिलालेख आज भी संरक्षित है। धारीवाल ने सवाल उठाया कि या तो सरकार इस तथ्य को नजरअंदाज कर रही है, या फिर वह अकबर से अपनी रिश्तेदारी निभा रही है। सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए उन्होंने पूछा, थी ना अकबर से रिश्तेदारी?

पक्ष-विपक्ष में नोकझोंक

इस टिप्पणी के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हल्की तकरार देखने को मिली। धारीवाल ने आरोप लगाया कि जहां एक ओर मुगल इतिहास से जुड़े संदर्भ हटाए जा रहे हैं, वहीं आमेर किले का यह शिलालेख जानबूझकर बचाकर रखा गया है। उन्होंने सदन में शिलालेख का पाठ भी पढ़ा, जिसमें अकबर की प्रशंसा दर्ज है।

फिर इसे क्यों बचाकर रखा?

धारीवाल ने बताया कि यह शिलालेख कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी मौजूद था और उसे वहीं रहने दिया गया था। बाद में 2004-05 के बाद भाजपा सरकार के दौरान इसे बाकायदा प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कहा कि वे यह तय नहीं कर रहे कि यह सही है या गलत, क्योंकि ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाया नहीं जाना चाहिए। लेकिन सवाल यह है कि जब सरकार मुगलों से जुड़े इतिहास को हटाने की बात करती है, तो फिर अकबर की स्तुति वाला यह शिलालेख क्यों संरक्षित है?

बीजेपी विधायक का हस्तक्षेप, धारीवाल का पलटवार

इस दौरान भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने कहा कि यदि इतनी आपत्ति है तो शिलालेख हटवा दिया जाएगा। इस पर धारीवाल ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि वे सिर्फ सवाल उठा रहे हैं, फैसला सरकार को करना है। सदन में इस बयान को लेकर कुछ देर तक गहमागहमी रही।

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