Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक गुरवीर सिंह ने जयपुर में वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदूषण की समस्या के स्थाई समाधान की योजना के बारे में जानकारी पूछी।

पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि जयपुर शहर में छह सतत परिवेशी गुणवत्ता निगरानी केन्द्रों वायु से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर प्रमुख वायुप्रदूषक घटकों और अन्य प्रदूषकों के वार्षिक औसत आधार पर रिपोर्ट तैयार होती है। आईआईटी कानपुर जयपुर शहर में वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान और स्रोत निर्धारण का काम करता है। रिपोर्ट में वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में सड़क एवं निर्माण जनित धूल, वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक उत्सर्जन, ठोस अपशिष्ट का दहन और डीजल जनरेटर सेटों का उपयोग शामिल पाया गया है।

जयपुर शहर में वायु प्रदूषण की समस्या के स्थाई समाधान के लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अन्तर्गत नगर कार्य योजना तैयार की है। इसके क्रियान्वयन केलिए परिवहन विभाग, नगर निकाय, शहरी विकास, उद्योग, पुलिस विभाग और राजस्थान राज्य प्रदूषण मंडल सहित संबंधित विभागों की भूमिका और उत्तरदायित्व तय किए गए हैं।

यह टारगेट किया निर्धारित

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अन्तर्गत वर्ष 2017-18 की तुलना में 2025-26 तक पीएम 10 की सांद्रता में 40 प्रतिशत तक कमी लाने का टारगेट विधर्धारित किया गया है। इसमें केन्द्र सरकार के मंत्रालय से भी वित्तीय सहायता संबंधित नगरीय निकाय को उपलब्ध कराई जाती है। स्वायत्त शासन विभाग से मिली सूचना के अनुसार वायु गुणवत्ता सुधार के लिए जयपुर शहर को अब तक 344.70 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता मिली है, जिससे वायु प्रदूषण रोकथाम संबंधी कार्य किए गए हैं। ई वीकल्स को भी बढ़ावा दे रहे हैं। पौधरोपण और हरित प‌ट्टी का विकास कार्य भी किया जा रहा है।

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