Rajasthan News: वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर ने भारत में शिया समुदाय को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस खबर के सामने आते ही राजस्थान समेत देश के विभिन्न हिस्सों में शोक सभाओं और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया है।

राजस्थान शिया मुस्लिम महासभा ने इसे दुखद की घड़ी बताकर 3 दिवसीय शोक की घोषणा की है। महासभा के महासचिव सैय्यद आसिफ अली ने समुदाय के लोगों से शांति और अनुशासन बनाए रखते हुए अगले तीन दिनों तक सादगी से शोक मनाने की अपील की है। वक्ताओं ने इसे पूरी कौम और इंसानियत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। विशेष रूप से रमजान के मुकद्दस महीने में हुई इस शहादत को ऐतिहासिक बताया जा रहा है।

शोक सभाओं (मजलिस) के दौरान धार्मिक विद्वानों ने खामेनेई के नेतृत्व को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि वे हमेशा बेकसूरों और फिलिस्तीनियों की आवाज बनकर उभरे। इस दौरान अमेरिका की नीतियों की आलोचना करते हुए इसे मानवता का नुकसान करार दिया गया।

व्यापार बंद रखने की अपील और कैंडल मार्च

प्रमुख शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने भी 3 दिवसीय शोक का ऐलान किया है। उन्होंने समाज से अपनी स्वेच्छा से दुकानें और कारोबार बंद रखने की अपील की है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें किसी के साथ जोर-जबरदस्ती न की जाए।

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