Rajasthan News: रामगंजमंडी क्षेत्र के अमरपुरा स्थित औद्योगिक इलाके में शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कोटा स्टोन फैक्ट्रियों की स्लरी से बने दलदल में खेलते समय तीन मासूम बच्चे फंस गए। फैक्ट्रियों की मशीनों के शोर के चलते करीब एक घंटे तक बच्चों की चीख-पुकार किसी ने नहीं सुनी, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि कुंभकोट और अमरपुरा के बीच निजी भूमि पर बने डंपिंग यार्ड में लंबे समय से फैक्ट्रियों की स्लरी डाली जा रही है। शनिवार दोपहर मजदूर कैलाश के 11,8 और 7 वर्ष के तीन बच्चे वहां खेल रहे थे। इसी दौरान वे दलदल में धंस गए। दो बच्चे कमर तक, जबकि सबसे छोटा बच्चा गले तक दलदल में फंस गया, जिससे उनकी जान पर बन आई।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। दलदल में उतरना जोखिम भरा होने से ग्रामीणों ने पहले पत्थर डालकर अस्थायी रास्ता बनाया। इसके बाद साड़ी और रस्सी की मदद से एक-एक कर बच्चों को बाहर निकाला गया। पूरे रेस्क्यू में लगभग आधा से एक घंटा लग गया। दलदल की गहराई करीब तीन से चार फीट बताई जा रही है।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अमरपुरा की 11 नंबर गली में स्थित इस निजी भूमि पर न तो बाउंड्री वॉल है और न ही कोई चेतावनी संकेत। पहले भी यहां दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे खुले स्लरी दलदलों को तुरंत बंद कराया जाए और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में किसी मासूम की जान खतरे में न पड़े।
यह कहा अधिकारी ने
घटना की जांच की जा रही है। यह जमीन किसकी है, इसकी पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नेहा वर्मा, तहसीलदार
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