Rajasthan News: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी क्षेत्र में गारनेट के अवैध कारोबार ने एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। शनिवार रात गारनेट कारोबारियों से लाखों की अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, कोटड़ी और बीगोद इलाकों में लंबे समय से रेत का सोना कहे जाने वाले गारनेट का अवैध खनन चल रहा है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस के आला अधिकारियों का डर दिखाकर एक गैंग माइनिंग कारोबारियों से मोटी रकम वसूल रही थी। जब इसकी भनक एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव को लगी, तो उन्होंने फौरन जांच बैठा दी।

विधायक और पुलिस अफसर के नाम से हड़कंप

इस पूरे खेल में जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा के करीबी अजय पांचाल और सदर पुलिस उपाधीक्षक माधव उपाध्याय की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। गौरतलब है कि पुलिस ने विधायक के कथित करीबी अजय पांचाल समेत कालू गुर्जर, नारायण गुर्जर और नंद सिंह को दबोच लिया है।

आरोपियों ने 15-20 खननकर्ताओं से पुलिस का डर दिखाकर लाखों रुपए ऐंठे। विधायक गोपीचंद मीणा ने साफ कहा कि अजय पांचाल भाजपा कार्यकर्ता जरूर है, लेकिन उनका निजी सचिव नहीं है। विधायक ने खुद एसपी से शिकायत कर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। गिरफ्तार आरोपियों पर पहले से ही चोरी, मारपीट और अवैध खनन के कई मामले दर्ज हैं।

पुलिस महकमे में मची खलबली

सूत्रों के अनुसार, इस वसूली कांड में पुलिस के ही कुछ बड़े चेहरों के शामिल होने की चर्चा है। पुलिस उपाधीक्षक की भूमिका की जांच खुद एसपी कर रहे हैं। कोटड़ी थाना पुलिस ने देर रात मामला दर्ज कर रविवार दोपहर तक चारों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

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