Rajasthan Politics: अंता उपचुनाव में मिले बड़े जनसमर्थन के बाद निर्दलीय नेता नरेश मीणा दो प्रमुख दलों के बीच एक नया विकल्प खड़ा करने की तैयारी में जुट गए हैं। चुनाव परिणाम के आते ही उन्होंने दिल्ली और यूपी में कई नेताओं से मुलाकातें कीं और तीसरे मोर्चे की संभावनाओं को टटोलना शुरू किया। उनकी कोशिश है कि आरएलपी, आप, चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी और क्षेत्रीय संगठनों को साथ जोड़कर एक गठबंधन खड़ा किया जाए।

नरेश मीणा की योजना है कि तीसरे मोर्चे की असली परीक्षा निकाय और पंचायत चुनाव में हो। राजनीतिक सूत्र भी मानते हैं कि यही वह मंच होगा जहां मोर्चा अपनी ताकत परखेगा। अगर प्रदर्शन मजबूत रहा, तो 2028 के विधानसभा चुनाव में यह मोर्चा खुद को बड़े विकल्प के तौर पर पेश कर सकता है।
राजस्थान में तीसरा विकल्प खड़ा करने की लड़ाई पहले भी हुई है। इससे पहले हनुमान बेनीवाल और किरोड़ी लाल मीणा ने साथ आने की कोशिश की थी। वहीं देवी सिंह भाटी ने भी मोर्चा खड़ा करने की पहल की थी।
एक मीडिया से चर्चा में नरेश मीणा ने साफ कहा कि अंता उपचुनाव के बाद पीछे हटने का सवाल नहीं है। नरेश मीणा अब प्रदेशभर में जाकर लोगों से जुड़ने की तैयारी में हैं।
पढ़ें ये खबरें
- Rajasthan News: टांका निर्माण के 1450 करोड़ और छह कलक्टरों के खरीद घोटालों की जांच होगीः डॉ. किरोड़ी
- 10 मैचों में 60 विकेट : Team India में एंट्री के लिए तैयार है मोहम्मद शमी जैसा घातक बॉलर, 4 गेंदों पर ले चुका है लगातार 4 विकेट
- UP पुलिस का फिल्मी अंदाज! तेल टैंकरों से डीजल चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, जानिए खाकी ने शातिरों को कैसे दबोचा
- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में भोपाल में हवन, कहा- झूठे केस में फंसाया जा रहा, UP सरकार की सद्बुद्धि की प्रार्थना
- ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर में उड़ान भरने वाली पहली राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू, INDIA-PAK बॉर्डर से देश को संदेश – जय हिंद, जय भारत

