Rajasthan Politics: राजस्थान की सियासत इन दिनों शीशों के मुद्दे पर गर्म है। हवामहल से बीजेपी विधायक बालमुकुंदाचार्य ने मंगलवार सुबह कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के उस तंज का जवाब दिया, जिसमें उनके वाहन के काले शीशों पर सवाल उठाए गए थे। अब विधायक ने अपनी पुरानी बोलेरो के शीशे सफेद करवाए और डोटासरा पर निशाना साधा।

शीशा बदला, अंदाज बदला
जब बालमुकुंदाचार्य अपनी बोलेरो से उतरे, तो काले शीशे गायब थे। उन्होंने डोटासरा पर निशाना साधते हुए कहा, शीशा काला हो सकता है, लेकिन हमारी नीयत साफ है। डोटासरा को मेरे नाम का सहारा लेकर खुद को चमकाने की जरूरत नहीं।
बिड़ला ऑडिटोरियम की याद
विधायक ने कांग्रेस शासन के पुराने मामलों को याद दिलाते हुए कहा कि डोटासरा को काले शीशों की चिंता नहीं, बल्कि अपने कार्यकाल के काले कारनामों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बिड़ला ऑडिटोरियम की घटना का जिक्र किया, जब शिक्षकों ने तबादलों के लिए पैसे लेने की बात कही थी। बालमुकुंदाचार्य बोले, अगर डोटासरा की जगह कोई स्वाभिमानी नेता होता, तो वह उसी ऑडिटोरियम में इस्तीफा दे देता।
परिवारवाद और माफिया पर वार
विधायक ने आरोप लगाया, रिश्तेदारों को नौकरी लगवाने और माफिया का साथ देने के दाग अभी नहीं धुले हैं। डोटासरा गमछा हिलाकर कांग्रेस का सूपड़ा साफ करने में लगे हैं, वहीं पीएम मोदी बिहार में कमल खिला रहे हैं। यह मम्मी-बेटा-जीजी-जीजाजी यानी चार लोगों की पार्टी है, जिसका अंत तय है।
काले कारनामों को जनता भूल नहीं सकती
बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि पिछले दो साल में राजस्थान में कोई बड़ा घोटाला नहीं हुआ, जबकि कांग्रेस का नाम हमेशा घोटालों के साथ जुड़ा रहा। उन्होंने डोटासरा को चेतावनी देते हुए कहा, काले शीशे की बात छोड़िए, जनता आपके काले कारनामों को अच्छी तरह जानती है, हम कुछ भी नहीं भूले हैं।
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