Rajasthan Politics: राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर बीजेपी में रणनीतिक बैठकों का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को जयपुर में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के 13 सिविल लाइंस स्थित आवास पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के साथ बंद कमरे में हाई लेवल बैठक हुई।

बैठक में अंता सीट पर संभावित उम्मीदवारों पर मंथन हुआ। पार्टी सूत्रों के अनुसार छह से अधिक नामों पर चर्चा चल रही है। इनमें स्थानीय चेहरों के साथ वसुंधरा राजे खेमे से जुड़े कुछ नेताओं के नाम भी शामिल हैं।
कंवरलाल मीणा की पत्नी भी रेस में
बीजेपी के पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की सजा के बाद यह सीट खाली हुई थी। अब उनकी पत्नी का नाम भी टिकट की दौड़ में बताया जा रहा है। पार्टी इस कोशिश में है कि ऐसा उम्मीदवार चुना जाए जो स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सभी गुटों को स्वीकार्य हो, ताकि किसी तरह की अंदरूनी नाराज़गी न उभरे।
राजे की सक्रिय भूमिका
सूत्रों के मुताबिक, वसुंधरा राजे इस सीट को अपने प्रभाव की परीक्षा मान रही हैं और अपने करीबी चेहरे को मैदान में उतारने के पक्ष में हैं। वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ चाहते हैं कि टिकट पर फैसला सामूहिक सहमति से हो, ताकि यह संदेश न जाए कि पार्टी में किसी एक गुट का दबदबा है।
स्थानीय बनाम बाहरी उम्मीदवार की चुनौती
बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्थानीय बनाम बाहरी उम्मीदवार की है। पिछले चार चुनावों में पार्टी ने बाहरी चेहरों पर भरोसा जताया था, लेकिन इस बार संगठन के कार्यकर्ताओं ने साफ़ कहा है कि टिकट अंता के ही किसी स्थानीय नेता को दिया जाए। पार्टी नेतृत्व इस बार सावधानी से कदम बढ़ा रहा है ताकि असंतोष न फैले।
अंतिम फैसला दिल्ली से
बीजेपी कोर कमेटी की बैठक अगले कुछ दिनों में होने की संभावना है। रायशुमारी के बाद तीन नामों का पैनल तैयार कर दिल्ली हाईकमान को भेजा जाएगा। पार्टी ने अंता उपचुनाव का जिम्मा सांसद दामोदर अग्रवाल को सौंपा है, जो स्थानीय समीकरणों और कार्यकर्ताओं से फीडबैक जुटा रहे हैं। अंतिम मुहर दिल्ली में लगेगी, लेकिन वसुंधरा राजे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की सहमति अहम मानी जा रही है।
त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
अंता सीट पर उपचुनाव 11 नवंबर को होगा और नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। कांग्रेस ने अपने पुराने दिग्गज प्रमोद जैन भाया को फिर से मैदान में उतार दिया है, जिससे उसने शुरुआती बढ़त बना ली है। वहीं निर्दलीय नरेश मीणा के उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है।
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