Rajasthan Weather Update: राजस्थान में तपती दोपहरी एक बार फिर करवट लेने वाली है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर की मानें तो 18 मार्च से प्रदेश में एक बेहद मजबूत सिस्टम यानी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसका सीधा असर यह होगा कि 20 मार्च तक प्रदेश के कई जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश, तेज धूल भरी हवाएं और कुछ संवेदनशील इलाकों में ओलावृष्टि हो सकती है। गौरतलब है कि प्रशासन ने 18 मार्च के लिए प्रदेश के 8 प्रमुख जिलों में बारिश का यलो अलर्ट भी जारी कर दिया है।

कहीं गर्मी, तो कहीं जनवरी जैसी ठंड

पिछले दो दिनों में हुई हल्की हलचल से प्रदेश के कई हिस्सों में पारा सामान्य से नीचे लुढ़क गया है। अगर रनिंग डेटा पर नजर डालें तो फतेहपुर में सबसे कम 11.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है, जिसने मार्च में भी रात की सिहरन बढ़ा दी है। वहीं, नागौर में 13.2 डिग्री सेल्सियस, श्रीगंगानगर में 14.0 डिग्री सेल्सियस और सीकर में 15.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ है।

दिन के पारे की बात करें तो हनुमानगढ़ में अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि श्रीगंगानगर में 27.7 डिग्री सेल्सियस और फतेहपुर में 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर में दिन का तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस और रात का 16.9 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा चूरू और बीकानेर में 32.8 डिग्री सेल्सियस, जैसलमेर व उदयपुर में 34.8 डिग्री सेल्सियस और कोटा में 36.3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया है।

किसान परेशान

राजधानी जयपुर में 17 मार्च को मौसम भले ही साफ दिखे, लेकिन 18 मार्च की शाम से यहां भी बादल छाने और गरज-चमक के साथ ओले गिरने के आसार हैं। ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, इस बदलते मौसम का सबसे बड़ा असर रबी की फसलों पर पड़ सकता है, जिससे किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं। आम जनता के लिए राहत की बात सिर्फ इतनी है कि मार्च की चुभती गर्मी से कुछ दिनों के लिए निजात मिल जाएगी, लेकिन अचानक आए इस बदलाव से सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

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