Rajim Violence Case : जितेन्द्र सिन्हा, राजिम. छत्तीसगढ़ के राजिम के दुतकैंया गांव में रविवार को उपद्रव हुआ. मूर्ति क्षतिग्रस्त करने के पुराने विवाद में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ है. भीड़ ने घर-कार में आगजनी और घरों में घुसकर लोगों से मारपीट की, जिसके बाद स्थिति बिगड़ते देख भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए. इस बीच मौके पर एसपी और आईजी मौके पर पहुंचे. हिंसा भड़काने वाले तीन आरोपियों को रविवार देर रात ही गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस पर पत्थरबाजी करने वालों की पहचान की जा रही है. फिलहाल इलाके में सन्नाटा पसरा है. लोगों में गांव अभी भी भारी पुलिस मौजूद है. बाहरी लोगों के आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. 

FIR दर्ज करने वालों से की मारपीट 

दरअसल, मामला साल 2024 के अप्रैल में गांव में स्थापित शिवलिंग को क्षतिग्रस्त करने से जुड़ा है. पुलिस ने आरोपी आरिफ खान को जेल भेज दिया था. हाल ही में वह जेल से छूटकर आया था. जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने चुन-चुनकर रास्ते से गुजर रहे युवकों पर प्रहार किया. सबसे पहले सब-स्टेशन में ड्यूटी कर रहे अरविंद साहू के सिर पर प्राणघातक हमला किया गया. हमले का सिलसिला यहीं नहीं रुका. राजिम मेला जा रहे नरेंद्र साहू के हाथ पर वार किया गया, जबकि रेखु यादव की भुजा पर हुए प्रहार से हड्डी फ्रैक्चर होने की आशंका है. इसके अलावा परमानंद साहू के साथ भी मारपीट की गई.

आरोपियों ने गांव के तीन लोगों को करीब चार घंटे तक पीटा. बात गांब में फैली, तो ग्रामीणों का भी गुस्सा भड़क उठा. ग्रामीण आरोपियों के घर पहुंचे. तभी घर के अंदर से कुछ लोग भीड़ पर मिर्च का पाउडर फेंकने लगे. इससे लोग और भी ज्यादा भड़क उठे. इसी दौरान एक आरोपी के घर को आगे के हवाले कर दिया गया.

हिंसा का राजिम मेला पर दिखा प्रभाव 

सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद राजिम मेले पर भी प्रभाव देखने को मिला. मेला समय पर बंद हुआ, लेकिन लोगों की संख्या कम नजर आई.