राजनांदगांव। राज्य शासन के सख्त निर्देश के बाद भी शहर के रिहायशी इलाको में अवैध कालोनियां बगैर परमिशन के बस रही हैं. इसमें बुनियादी सुविधा रोड़, नाली और सड़क का जरा भी ख्याल नही रखा जा रहा है. बल्कि मुरूम का रोड़ बनाकर छोटे-छोटे टुकड़ों में प्लाट कांटे जा रहे हैं.
शहर से लगे नवागांव बजरंगपुर, मोतीपुर, लिटिया, कौरिनभांठा, कंचनबाग, लखोली और चिखली में टुकड़े में जमीन बेची जा रही है. इधर पताल भैरवी मंदिर के सामने न्यू चंद्रा कालोनी और इधर रायपुर की ओर बाईपास के सामने अवैध कालोनियां बसने लगी हैं. बगैर डायवर्सन के यहां खरीदी बिक्री चरम पर है. यहां न तो नाली, सडक और बिजली की सुविधा तक नही दी गई हैं.

रोक के बाद भी हो रही रजिस्ट्री : अवैध प्लाटिंग की लगातार शिकायत के बाद भी पटवारी ऐसे जमीनों की नकल दे रहे है. शहर के आउटर में कृषि जमीन को काटकर बेचा जा रहा है. जबकि पांच डिसमिल से कम की जमीन को बेचने पर प्रतिबंध है. इसके बाद भी बगैर डायवर्सन के कृषि जमीन को टुकड़ों में बेचा जा रहा है. नवागांव से लिटिया तक भू-माफियाओं ने खरीदी बिक्री को बोर्ड तक टांग रखा हैं. मुरूम की सड़क दिखाकर यहां लेआउट के अवैध तरीके से खरीदी बिक्री जारी है.
कौरिनभांठा के पीछे हो रही अवैध प्लाटिंग : शहर के अंदरूनी वार्डो में लगातार अवैध प्लाटिंग का खेल शुरू हो गया है. कृषि जमीन को टुकडों में कांटकर लगातार नियम कायदों की धज्जियां उड़ाई जा रही है. विगत दिनों शहर के कौनिभांठा के आधा दर्जन खसरों में बुलडोजर से कार्यवाही की गई थी, जिसके बाद भी लगाम नही लगा हैं और तेजी से अवैध प्लाटिंग का बाजार गरम है.
फिर भी कार्रवाई से निगम को परहेज: निगम को शहर के भीतर हो रही अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई करने का अधिकार है. यहां तक कि एफआईआर कराने का भी निगम को अधिकार है. लेकिन इसके बाद भी अवैध प्लाटिंग में कार्यवाही खानापूर्ति तक सिमट कर रह गई हैं. राजस्व विभाग के अफसरों के सांठगांठ से शहर के वार्डो में भूमाफिया सक्रिय हो गए है, और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नक्शे की धज्जियां उड़ाई जा रही है.
राजनांदगांव। पूर्व के दिनों में संस्कारधानी राजनांदगांव जिला मुख्यालय स्थित फ्लाईओवर के नीचे नगर निगम द्वारा लगातार तीन दिनों तक चलाए गए अभियान के बाद बेजा कब्जा हटाया गया था. कार्रवाई के बाद भी यहां पर अभी भी अवैध रूप से गैरेज संचालित हो रहे हैं जिन पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है यह समझ से परे है. पूर्व में तीन दिनों से लगातार की गई कार्रवाई के बाद फ्लाईओवर के नीचे का भाग से ठेले और खोमचे को हटा देने से काफी अधिक स्वच्छ और साफ-सुंदर दिखाई देने लगा था. लेकिन अब फिर से जस तस स्थिति देखने को मिल रही है.
पूर्व के दिनों में जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर निगम द्वारा तीन दिनों तक लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई थी के बाद फ्लाईओवर के नीचे का भाग पूरी तरह से साफ सुंदर और स्वच्छ दिखाई देने लगा था. अब फिर से कार्रवाई पर विराम लगा देने के बाद से यहां पर फिर से गैरेज संचालित होने लगे हैं.
इमाम चौक से पोस्ट ऑफिस के मध्य आने वाले स्थान पर गैरेज का संचालन किया जा रहा है, जिससे यहां पर अव्यवस्था की स्थिति देखने को मिल रही है ज्ञात हो कि नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अभियान चलाया गया था. कार्रवाई के बाद से हड़कंप मचा हुआ था. पूर्व के दिनों में जूनीहटरी और मानव मंदिर क्षेत्र में ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई थी . इसके पहले नेशनल हाईवे के मध्य में बनाए गए फ्लाईओवर के नीचे अवैध रूप से कब्जा कर दुकानों का संचालन करने वालों के खिलाफ कारवाइयां की गई थी. एक बार फिर से दो दर्जन से अधिक ठेले और खोमचे सज गए हैं. गैरेज का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है.
जिले में जल्द शुरू होगी छमाही की परीक्षाएं
राजनांदगांव। जिले में भी शिक्षा कैलेंडर के आधार पर अर्धवार्षिक परीक्षाएं दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह में शुरू होगी जिसकी तैयारियां राजनांदगांव जिले में शुरू कर दी गई है. शिक्षा विभाग के अधिकारियों के माने तो जल्द है कि समय सारणी जारी की जाएगी. पाठ्यक्रम को पूर्ण कराने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लेकर विद्यार्थियों को अध्ययन अध्यापन का कार्य पूर्ण किया जा रहा है. अध्ययन अध्यापन के साथ-साथ पाठ्यक्रम को पूर्ण कराने के लिए शिक्षकों को भी जिम्मेदारी सौंप दी गई है . बीईओ और प्राचार्य के देखरेख में परीक्षा को संपन्न कराया जाएगा.
प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी शिक्षा कैलेंडर के आधार पर दिसंबर के महीने में आदिवासी परीक्षाएं संपन्न कराई जाएंगे. इसके लिए अभी यही तैयारी शुरू कर दी गई है. राजनांदगांव विकासखंड क्षेत्र से लेकर जिले के अंतर्गत आने वाले डोंगरगांव, डोगरगढ़ छरिया एलबी नगर घुमका आदि क्षेत्रों में भी परीक्षा की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो अर्धवार्षिक परीक्षा को समय सीमा के भीतर पूर्ण कराने के लिए शिक्षकों को अधिकृत कर दिया गया है. समय सीमा के भीतर पाठयक्रम को भी पूर्ण करने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि आने वाले दिनों में विद्यार्थियों को किसी प्रकार की दिक्कतें ना हो परीक्षा संचालन के लिए जल्द ही समय सारणी की घोषणा की जाएगी.
इस वर्ष भी 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा परिणाम में सुधार लाने और बेहतर परिणाम को लेकर राजनांदगांव जिले में जिला प्रशासन के निर्देश के बाद अतिरिक्त कक्षाएं ली जा रही है. इसके लिए विशेषज्ञ शिक्षकों को जिम्मेदारियां भी सौंप दी गई है. जिन शरणों का परीक्षा परिणाम पूर्व के वर्षों में काफी खराब रहा है.
ली जा रही है कक्षाएं: सिह जिल शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघे कहना है कि राजनांदगांव जिले में भी शिक्षा बेहतर सुधार लाने के साथ-साथ 10वीं तथा 12वीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम में और अधिक सुधार लाने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं ली जा रही है.
धान मिलरों ने दबाया पिछले सीजन का 12 लाख क्विंटल धान
राजनांदगांव। कस्टम मिलिंग के तहत एग्रीमेंट का जिले के मिलरों ने धज्जियां उड़ा दी है. अभी नया सीजन शुरू हो गया है. लेकिन पिछले साल का धान उठाने के बाद मिलरों ने करीब 12 लाख से क्विंटल से अधिक का धान अब तक जमा नही किया है. ऐसी जानकारी मिली है कि, मिलरों ने सरकारी धान की कस्टम मिलिंग कर इसे बाजार में महंगे दाम पर बेच दिया है. लेकिन प्रशासन द्वारा सख्ती नही दिखाई जा रही है.
जानकारी अनुसार वर्ष 2024-25 यानि पिछले साल जिले के मिलरों को 57 लाख 68 हजार 400 क्विंटल धान जारी किया गया था. जिसमें प्रति क्विंटल धान के अनुसार मिलरों को 67 किलो के हिसाब से 38 लाख 64 हजार 828 क्विंटल चावल जमा करना था. लेकिन वर्तमान में जिले के मिलरों ने सिर्फ 25 लाख 77 हजार 350 क्विंटल ही चावल जमा किया हैं. करीब 12 लाख 87 हजार 478 क्विंटल चावल जमा करना शेष है. जिसे आज तक जमा नही किया गया है. जबकि वर्तमान में वर्ष 2025-26 की धान खरीदी शुरू हो गई है. ऐसे में इन मिलरों से फिर से कस्टम मिलिंग कराए जाने की तैयारी है.
पुराने मिलरों से कस्टम मिलिंग की तैयारी : पिछले वर्ष का करीब 12 लाख 87478 क्विंटल चावल यानि प्रति किलो सरकारी दर 45 सौ क्विंटल के अनुसार मिलरों ने 579 करोड़ 36 लाख 51 हजार रूपए का धान सरकारी को जमा नही किया है. इसके बाद भी प्रशासन द्वारा इस सीजन के लिए इन्ही मिलरों से कस्टम मिलिंग के तहत एग्रीमेंट किए जाने की तैयारी है.
न भौतिक सत्यापन, न एलाटमेंट पर रोक : न भौतिक सत्यापन, न एलाटमेंट पर रोक : कस्टम मिलिंग का जिले में बुरा हाल है. करोड़ों रूपए का चावल मिलरों द्वारा दबाए जाने और उसे बाजार में बेचने की जानकारी सामने आने के बाद भी प्रशासन द्वारा कार्यवाही नही की जा रही है. शिकायत के बाद एक भी राईस मिलरों के स्टाक भौतिक सत्यापन नही किया गया है. जबकि प्रदेश के अन्य जिलो में भौतिक सत्यापन किए जाने से धान गायब होने का खुलासा हुआ हैं.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें

